चौबारी में रामगंगा के तट पर तंबुओं का शहर बस चुका है। चार सौ दुकानों वाले बाजार के साथ पशु नखासा भी सज गया है। 15 दिन तक चलने वाले इस मेले में बदायूं, शाहजहांपुर और पीलीभीत जिलों में रह रहे घुमंतू जाति के लोगों ने भी तंबू गाड़ लिए हैं। इन तंबुओं मेें संदिग्ध लोगों के पनाह लेने की हमेशा आशंका बनी रहती है। बड़ी संख्या में घुमंतू जाति के लोगों की मेले में आमद से पुलिस भी टेंशन में है। खुफिया तंत्र और सादा कपड़ों में पुलिस वाले घुमंतुओं जाति के तंबुओं में रह रहे लोगों और उनकी गतिविधियों पर नजर रखे हैं।
एसएसपी जोगेंद्र कुमार ने घुमंतू जाति के बदमाशों के चौबारी मेेले में आने की आशंका के चलते सीओ प्रथम कुलदीप कुमार और सीओ द्वितीय सीमा यादव को तंबू खंगालनेे की जिम्मेदारी सौंपी है। टोह लेने के लिए सादा कपड़ों में महिला और पुरुष पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है। भीड़ में घुल मिलकर यह पुलिसकर्मी तंबुओं में रहने वाले लोगों की हकीकत जानने की कोशिश कर रहे हैं। यह टीमें दोनों सीओ को दैनिक रिपोर्ट भेज रही है। हाल में कच्छा बनियान गिरोह ने जिले में ताबड़तोड़ वारदातें करके पुलिस की नींद उड़ा दी थी।
घुमंतू जाति के नौ फरार बदमाश टारगेट पर
पुलिस इसलिए भी आशंकित है, क्योंकि हाल में डकैतियों की वारदात का खुलासा करके पुलिस ने घुमंतू जाति के दरोगा, मुस्तफा, बबलू और सचिन को गिरफ्तार करके जेल भेजा है। यह वारदातें तीन डेरों के बदमाशों ने मिलकर अंजाम दी थीं। पुलिस रिकार्ड के मुताबिक गिरोह के नौ बदमाश फरार चल रहे हैं। अधिकारियों के मुताबिक घुमंतू जाति के जुबेर, सनी, भूरा, तखर अली, हरबू, शाहरुख, सुल्तान, भीड़ू और मुशीर की भी तलाश जारी है।
चौबारी मेला में घुमंतू जाति के बदमाशों की निगरानी के लिए टीमों को सक्रिय कर दिया गया है। घुमंतू बदमाश हमारे टारगेट पर हैं।
- जोगेंद्र कुमार, एसएसपी