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लड़की बेचने आई महिला से जीआरपी ने पल्ला झाड़ा

Sat, 12 Mar 2016 12:44 AM IST
ब्ययूराो, अमर उजाला बरेली।
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सोनभद्र से लड़की को बेचने के लिए लाने के संदेह में पकड़ी गई महिला के खिलाफ कार्रवाई न होने से जीआरपी की भूमिका पर सवाल खड़े होने लगे हैं। लड़की बरामद होने के बाद भी महिला के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई है। महिला कौन थी, कहीं उसके तस्करों से तार तो नहीं जुड़े हैं, इन बातों पर भी जीआरपी ने गौर नहीं किया। महिला को आरपीएफ ने हंगामा करने के आरोप में जेल भेजकर पल्ला झाड़ लिया तो जीआरपी ने लड़की को चाइल्ड लाइन भेजकर अपनी जिम्मेदारी खत्म कर दी।
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मामला बृहस्पतिवार सुबह साढ़े नौ बजे प्लेटफार्म नंबर चार का है। यहां पर सोनभद्र के ओबरा की एक महिला प्रेम कुमारी अपने साथ वहीं की एक बारह साल की लड़की को लेकर घूम रही थी। आरपीएफ की महिला दरोगा सुनीता शाह और सिपाही राजीव कुमार के टोकने पर महिला सकपका गई थी। आरपीएफ दरोगा उसकी भूमि पर संदेह जाहिर करते हुए महिला और लड़की को थाने ले आई थीं। चूंकि आरपीएफ में मानव तस्करी से संबंधित मामला दर्ज नहीं होता, इसलिए केस जीआरपी को ट्रांसफर किया गया था। जीआरपी ने लड़की को तो अपनी सुपुर्दगी में ले लिया, लेकिन महिला को कार्रवाई के लिए लेने से इनकार कर दिया। फिर मजबूरन आरपीएफ की महिला दरोगा सुनीता शाह की ओर से महिला को टोकने पर पुलिस बल से भिड़ने के आरोप में कार्रवाई कर जेल भेजा गया। मानव तस्करी से जुड़े इस मामले को जीआरपी ने इतने हल्के में टाल दिया। कार्रवाई तो दूर महिला से पूछताछ करने तक की जहमत नहीं समझी। 

किसी ने शिकायत ही नहीं की तो कैसे लिखते रिपोर्ट
बरामद लड़की ने भी महिला के साथ अपनी स्वेच्छा से आने की बात कही। वहीं महिला के खिलाफ किसी ने यह लिखकर नहीं दिया कि वह लड़की को बेचने लाई थी, अब ऐसे में वह उसके खिलाफ कार्रवाई कैसे करते। फिर भी उसके मोबाइल की कॉल डिटेल निकालकर उसके संपर्क में रहने वालों का पता लगाया जा रहा है। 
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चंद्रशेखर गुप्ता, इंस्पेक्टर जीआरपी 
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मामला मेरे संज्ञान में नहीं है। जिसकी भी लापरवाही पाई जाएगी कार्रवाई की जाएगी। 
- वैभव कृष्ण, एसपी जीआरपी
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जमानत कराने आने वालों पर रखी जा रही नजर
महिला की जमानत कराने के लिए अदालत आने वाले लोगों पर नजर रखी जा रही है। इससे ही मामला खुल सकता है। 
- तेज प्रताप सिंह, इंस्पेक्टर आरपीएफ
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