मिड-डे मील को लेकर प्रधानों की दबंगई सामने आने लगी है। जरपा मोहनपुर के प्राइमरी स्कूल में सोमवार दोपहर उस समय हंगामा हो गया जब प्रधान के पति राशन घर ले जाने लगे। विरोध किया तो प्रभारी हेड मास्टर को पीट दिया। मामला तहसील दिवस में बैठे एसडीएम तक पहुंचा तो उन्होंने बीईओ और पुलिस को जांच कर रिपोर्ट दर्ज करने के निर्देश दिए।
सहायक शिक्षक मोहनलाल ने बताया कि इन दिनों उनके पास विद्यालय के प्रभारी प्रधानाध्यापक का पद भार है। आरोप है कि सोमवार दोपहर में प्रधान जशोदा देवी के पति हजारीलाल वर्मा विद्यालय में आए और मिड-डे मील का राशन उठवाकर ले जाने लगे। उन्होंने विरोध किया तो आगबबूला हो गए और उनसे मारपीट कर दी। इससे विद्यालय में अफरातफरी मच गई। पहले दिन परीक्षा देने आए बच्चे भी भाग खड़े हुए। स्टाफ के लोगों ने किसी तरह उन्हें बचाया तो हजारीलाल देख लेने की धमकी देते हुए चले गए। स्कूल में न परीक्षा हो सकी और न मिड डे-मील बन सका।
एसडीएम ने बीईओ ओमप्रकाश कुशवाहा व क्योलड़िया पुलिस को घटना की जांच कर आरोपी के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज करने के निर्देश दिए। शिक्षक के साथ बीईओ ने थाने जाकर आरोपी के खिलाफ तहरीर दिलवाई। यहां मौजूद प्रभारी एसओ एसके सिंह ने बीईओ से तहरीर पर उनकी जांच की संस्तुति मांगी तो वह जांच के बाद आख्या देने की बात कहकर चले गए। एसओ ने बताया कि बीईओ की संस्तुति मिलते ही रिपोर्ट लिख ली जाएगी। वहीं, घटना के बाद से दूसरे शिक्षक उमेश कुमार, संजीव कुमार व भूरेलाल भी सकते में हैं। उनका कहना है कि प्रधान के पति दबंग हैं, इस घटना के बाद उन्हें भी सुरक्षा का खतरा पैदा हो गया है।
मैंने स्कूल की बाउंड्री टूटी होने पर प्रभारी प्रधानाध्यापक से ऐतराज जताते हुए इसे बनवाने की बात कही थी। इसी पर वह नाराज हो गए तो कुछ कहासुनी हो गई। मिड-डे मील का कोई मामला नहीं था। मारपीट का आरोप भी गलत है।
- हजारीलाल वर्मा, प्रधान के पति