दिनरा मिर्जापुर गांव में एक दर्दनाक घटना हो गई। बुग्गी के बेकाबू घोड़े की टापों के नीचे आकर एक डेढ़ साल का मासूम कुचल गया। बच्चे को नाजुक हालात में राजश्री हास्पिटल लाया गया पर तबतक देर हो चुकी थी। इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। पिता की तहरीर पर पुलिस ने बुग्गी चालक के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज कर लिया है।
दिनरा मिर्जापुर गांव के संतोष कुमार लोधी का घर मिर्जापुर-नरखेड़ा रोड पर है। शुक्रवार शाम को उसका डेढ़ साल का बेटा कौशल खेल रहा था। वह खेलते-खेलते रोड की तरफ बने दरवाजे पर आ गया। बहादुरपुर का कल्यान अपनी बुग्गी दौड़ाता हुआ घर को जा रहा था। तेज रफ्तार से आ रही बुग्गी के घोड़ा घर के गेट में जा घुसा जहां मासूम खेल रहा था। घोड़े ने अपनी टापों से उसको कुचल डाला। जबतक घोड़े को पीछे हटाया जाता तबतक मासूम गंभीर रूप से घायल हो चुका है। इससे पहले कोई बुग्गी चालक को पकड़ता वह भाग निकला। बच्चे की हालत देखकर घर में कोहराम मच गया। आनन-फानन में उसको राजश्री हास्पिटल में भर्ती कराया गया, लेकिन उसको बचाया नहीं जा सका। इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया। संतोष के तीन बच्चे हैं। इसमें कौशल सबसे छोटा था। वहीं सूचना पर पहुंची पुलिस ने पंचनामा भरवाकर शव का पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया। पिता संतोष ने बुग्गी चालक कल्यान के खिलाफ तहरीर दी। पुलिस ने गैर इरादतन हत्या 304ए, 279आईपीसी के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
असावधानी ने ली मासूम की जान
सावधानी हटी दुर्घटना घटी। डेढ़ साल के मासूम की मौत का कारण भी यही लाइन बनी। अगर घर वालों ने सावधानी बरती होती तो डेढ़ साल का मासूम न सड़क पर खेलने आता और न उसकी दर्दनाक मौत होती। सड़क पर बने घर के गेट के पास से अक्सर वाहन निकलते हैं। बच्चा अकेला खेल रहा था। यह किसी ने सोचा भी नहीं कि वह खेलते-खेलते सड़क पर पहुंच सकता है, कोई भी हादसा हो सकता है।