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वीरपाल भागा, पत्नी-बच्चा पुलिस के पास

Fri, 09 Jan 2015 01:50 AM IST
बरेली
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किशोरी को अगवा करके बदायूं के मूसाझाग थाने में दुष्कर्म करने का आरोपी बर्खास्त सिपाही वीरपाल यादव शाहजहांपुर के निगोही इलाके से बदायूं की क्राइम ब्रांच को चमका देकर भाग निकला। क्राइम ब्रांच की टीम वीरपाल पर दबाव बनाने के लिए निगोही से उसकी पत्नी-बेटे, साली और साढ़ूू को उठाकर बदायूं ले गई है। बदायूं में उसके इलाहाबाद जाने की चर्चा है जहां वह अरेस्ट स्टे के लिए कोशिश कर सकता है हालांकि ऐसा हो पाना मुश्किल है। इधर बरेली के सूत्र कह रहे हैं कि वह बरेली में हो सकता है सही लोकेशन अभी नहीं मिल रही है। तीन जनवरी को उसने अपनी पत्नी सुषमा से मिलने की कोशिश की थी। बताया जा रहा है कि वह अब किसी भी समय हाजिर हो सकता है।
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 वीरपाल  को पकड़ने के लिए पुलिस तकरीबन 50 नंबरों को अब तक सर्विलांस पर ले चुकी है। बलात्कार के दूसरे आरोपी सिपाही अवनीश की गिरफ्तारी के अगले ही दिन अमर उजाला ने प्रमुखता से प्रकाशित किया था कि वीरपाल यादव शाहजहांपुर में छुपा है। कलान के विक्रमपुर गांव में उसकी बहन रहती है, उसी के पति ने कटरी इलाके में वीरपाल की छुपने में मदद की । एसटीएफ के अलावा पुलिस की पांच टीमें वीरपाल की तलाश में लगी हैं। पुलिस वीरपाल को पकड़ने के लिए उसकी पत्नी सुषमा का मूवमेंट देख रही थी। इस दौरान पुलिस को सुषमा की लोकेशन शाहजहांपुर में मिल गई। बृहस्पतिवार को सर्विलांस के जरिए पुलिस को मालूम हुआ कि सुषमा यादव निगोही इलाके में है। इसके बाद पुलिस ने वीरपाल के रिश्तेदारों और उनके लिंक तलाशने शुरू कर दिए। पता चला कि बरेली के भुता में रहने वाले वीरपाल के साढू शीशपाल की निगोही के सहजादपुर गांव में रिश्तेदारी है। बृहस्पतिवार की दोपहर को क्राइम ब्रांच के प्रभारी इंद्रेश पाल सिंह, महिला थाने की एसओ सुनीता मिश्रा और एसओ बिसौली सतीश चंद्र यादव ने सहजादपुर गांव में वीरपाल के रिश्तेदार के यहां दबिश दे दी। वहां से पुलिस वीरपाल के साढू, साली, पत्नी और बारह साल के उसके बेटे को उठा लाई। तीन जनवरी से सुषमा निगोही में ही बेटे के साथ रुकी हुई थी। बृहस्पतिवार की सुबह करीब आठ बजे वीरपाल कटरी से निकलकर पत्नी और बेटे से मिलने वहां आया था लेकिन पुलिस के आने की भनक लगने पर वहां से कार से भाग गया। आईजी विजय सिंह मीना का कहना कि कई टीमें वीरपाल की गिरफ्तारी के लिए लगाई गई हैं। उसके परिवार के लोगों और रिश्तेदारों के यहां लगातार दबिशें दी जा रहीं है। कुछ लोगों को उठाया भी गया है। उम्मीद है कि जल्दी ही वीरपाल को पकड़ लिया जाएगा।

शाहजहांपुर पुलिस की ढिलाई
थाने में गैंगरेप के बाद पुलिस की बदनामी होने के बाद भी शाहजहांपुर पुलिस ने वीरपाल यादव को पकड़ने के लिए कोई ठोस प्रयास नहीं किए। यहां तक कि पुलिस के आला अफसर भी यही कहते रहे कि यहां से वीरपाल का कोई मतलब नहीं है जबकि अवनीश यादव से अलग होने के बाद से ही वीरपाल शाहजहांपुर में था। पुलिस के आला अफसरों ने वीरपाल को पकड़ने के लिए कोशिश की होती तो वीरपाल अब तक पकड़ लिया जाता। 
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