सीबीगंज में बंडिया नहर के पास लिफ्ट देने के बहाने युवती से गैंगरेप की कहानी पूरी तरह से फर्जी निकली। इस कहानी की स्क्रिप्ट तो थाना भोजीपुरा के उदयपुर बन्नेजान गांव के पूर्व प्रधान वाजिद अली ने लिखी थी। पुलिस ने फाईक इन्कलेब से अमजद को उठाकर सारी कहानी का पता लगा लिया है। एक लाख रुपये में युवती से वाजिद ने अमजद के जरिए अपने दुश्मनों को फंसाने का स्क्रिप्ट लिखी थी। पुलिस गैंगरेप की फर्जी कहानी बनाने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने की तैयारी कर रही है। युवती के लिखाए गए मुकदमे में उन्हीं के खिलाफ कार्रवाई हो सकती है।
पुलिस गैंगरेप की इस घटना को पहले ही दिन से उदयपुर बन्नेजान गांव के 15 वर्षीय तसलीम मर्डर केस से जोड़कर देख रही है। तसलीम की हत्या 4 अप्रैल 2014 में टेंपो से उतारकर की गई थी। हत्या के पीछे गांव की किसी लड़की से प्रेम संबंध बताए जा रहे थे। हत्या के चश्मदीद टेंपो चालक बब्बू ने पहले तो हत्यारों को पहचाने से मना कर दिया था। हाल ही में उसने शपथ पत्र देकर गांव के ही पूर्व प्रधान वाजिद हुसैन का नाम ले दिया है। इससे उनका तसलीम मर्डर केस में फंसना तय है। अमर उजाला ने प्रमुखता से घटना पर सवाल खड़े करते हुए समाचार प्रकाशित किया था। बुधवार को एसपी सिटी समीर सौरभ ने सर्विलांस सेल की मदद से युवती की असली कहानी का पता लगा लिया। महिला के मोबाइल नंबर से मिले क्लू के आधार पर फाईक इन्क लेब से अमजद को उठाते ही सारी कहानी सामने आ गई। पुलिस सूत्रों के मुताबिक अमजद ने ही युवती से एक लाख रुपये में वाजिद से सौदा कराया था। युवती ने वाजिद की लिखी गई कहानी से मुताबिक थाने जाकर पूरी कहानी सुना दी, लेकिन मेडिकल में किसी भी तरह की इंजरी नहीं मिली। इसके अलावा युवती पुलिस के सवालों में उलझती चली गई। कॉल डिटेल भी मेल खा गई। पुलिस के आला अधिकारियों से भी इस मामले में बात कराई गई। इसके बाद यह बात साफ हो गई कि वाजिद ने ही युवती से जरिए तसलीम के भाई नासिर और प्रधान के बेटे फुरकत और उनके दोस्त अमजद को फंसाने के लिए गैंगरेप की फर्जी कहानी पर मुकदमा लिखाया था। एसपी सिटी ने बताया कि इस मामले में एक युवक को उठाकर पूछताछ की जा रही है। जल्द ही मामले का खुलासा कर दिया जाएगा।