इन लड़कों के भर्र्ती को दिए गए आवेदनों और स्कूल में दर्ज पते अलग-अलग पाए गए हैं। आरोपियों के खिलाफ सुबूत जुटाने के बाद क्राइम ब्रांच अब गैंग को ट्रेस करने में जुट गई है। मेरठ में आदेश गुर्जर का ठिकाने का पता लगाया जा रहा है। उसके साथी सेना के रिटायर्ड कर्नल का पता और आदेश के मोबाइल नंबर पुलिस ने हासिल कर लिए हैं।
29 दिसंबर को भर्ती बोर्ड के कर्नल राजीव दीक्षित ने जिन ग्यारह लड़कों को कैंट पुलिस के हवाले किया, उनके बारे में क्राइम ब्रांच काफी जानकारी जुटा चुकी है। विवेचना के दौरान दो लड़कों के पते ही असली मिले हैं लेकिन उनके शैक्षिक प्रमाण पत्र असली नहीं है। बाकी लड़कों में से किसी का पता असली नहीं निकला है। पकड़े गए लड़कों में से पांच मेरठ के रहने वाले हैं। बाकी भी ऐसेे हैं जिनका मेरठ से कोई न कोई नाता रहा है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक मेरठ के थाना जानी के डूंगर गांव के आदेश गुर्जर ने अपने इलाके के विजेंद्र से भी सेना में भर्ती कराने के लिए छह लाख रुपये लिए थे लेकिन विजेंद्र भी पकड़ा गया। जेल से छूटने के बाद उसने अपनी रकम मांगी तो आदेश ने उसकी हत्या कर दी थी। 2013 में आदेश गुर्जर और उसके साथी रिटायर्ड कर्नल आदित्य के खिलाफ कैंट में मुकदमा दर्ज हुआ। इस दौरान मेरठ के सरधना थाने के दबसुआ गांव के गौरव शर्मा, अनिल कुमार और विकास कुमार भी पकड़े गए थे। क्राइम ब्रांच ने यह भी पुष्टि की है कि पल्लमपुरम मेरठ के निवासी और निजी कंपनी चलाने वाला रिटायर्ड कर्नल आदित्य ही आदेश के साथ मिलकर लड़कों को सेना में भर्ती कराने के नाम पर ठगी का कारोबार करता है। यहां पकड़े गए लड़कों भी मेरठ में ही फंसाकर पांच-पांच लाख रुपये की एवज में भर्ती कराया गया था। एसपी क्राइम डॉ. एसपी सिंह ने बताया कि फर्जीवाड़ा करके भर्ती हुए लड़कों के खिलाफ सुबूत मिल गए हैं। आदेश और रिटायर्ड कर्नल के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए भी सुबूत जुटाए जा रहे हैं। जल्द इस गैंग का खुलासा कर दिया जाएगा।