संदिग्ध परिस्थितियों में लगी आग से नवविवाहिता समेत चार महिलाओं की मौत हो गई। एक महिला के बेटे ने पत्नी पर तो दो ने ससुराल वालों पर जलाकर मार देने का आरोप लगाया है। पुलिस ने पांचों शव का पोस्टमार्टम कराया है।
शाहजहांपुर के पुवायां के जिगनिया मुगरता निवासी 59 शशि बाला एक अप्रैल को झुलस गई थी। उसे मिलिट्री अस्पताल में भर्ती कराया गया था। बेटे नेत्रपाल ने बताया कि विवाद के कारण पत्नी मायके में रहती थी। एक जनवरी पिता की मौत के बाद वह घर आ गई। एक अप्रैल को उसकी मां और पत्नी में विवाद हो गया। उसने मां के झुलसने की सूचना दी। इसके बाद वह फिर मायके चली गई। उसने पत्नी पर जलाकर मार डालने का आरोप लगाया है।
फतेहगंज पश्चिमी के मढ़िया भगवानपुर गांव में भी 21 साल की शिवानी की जलकर मौत हो गई। उसके पिता राकेश के अनुसार बेटी की शादी चार साल पहले सतीश से हुई थी। वह एक साल से उसे मायके नहीं भेज रहा था। सतीश शराबी है और मारपीट कर मायके से रुपये लाने का दबाव डालता था। दो मार्च को बेटी के साथ मारपीट करके उसे जलाया गया। पति के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है। उसकी जिला अस्पताल में मौत हो गई। उधर पीलीभीत के पौटा में भी झुलसी 19 साल की नसरीन ने 11 दिन बाद दम तोड़ दिया। उसने तीन महीने पहले ही जाबिर उर्फ गुड्डू से प्रेम विवाह किया था। आरोप है कि पति का दूसरी महिला से संबंध होने के कारण तनाव रहता था। नसरीन के चाचा पौटा निवासी रियाज अंसारी ने बताया कि उसे 22 मार्च को जला दिया गया। हालांकि जाबिर का कहना है कि पत्नी मानसिक रूप से ठीक नहीं थी। उसका इलाज चल रहा था। नसरीन जाबिर की दूसरी पत्नी है। पहली पत्नी से उसका तलाक हो चुका है। उधर, हरूनगला के ओमप्रकाश की 17 साल की लड़की की भी झुलसकर मौत हो गई। उसका जिला अस्पताल में इलाज चल रहा था। आग लगने के कारणों का पता नहीं चल सका है।