एक गांव की महिला प्रधान ने पूर्व प्रधान के बेटों समेत तीन लोगों पर घर में घुसकर गैंगेरप का आरोप लगाया है। कोर्ट के आदेश पर तीनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। हालांकि आरोपियों का कहना है कि पेशबंदी के तहत झूठा मुकदमा लिखाया गया है।
प्रधान का कहना कि 20 जुलाई की रात उनके पति किसी काम से बाहर गए थे। वह बच्चों के साथ सो रही थी। आरोप है कि पूर्व प्रधान के बेटे नरायन दास, रूपेश गांव के ही बालकिशन को लेकर घर में घुस आए और उन्हें दबोच लिया। तीनों ने बलात्कार किया। विरोध पर गालीगलौज और मारपीट भी की। पड़ोस के लोग पहुंचे तो तीनों जान से मार डालने की धमकियां देते भाग गए। अगले दिन प्रधान थाने पहुंची और आपबीती बताई लेकिन पुलिस ने एफआईआर लिखने के बजाय भगा दिया। इसके बाद 156/3 के तहत एसीजेएम सेकंड कोर्ट में इश्तगासा दायर किया गया। एसीजेएम सेकंड कोर्ट के आदेश पर शाही थाने में घर में घुसकर गैंगरेप और संबंधित धाराओं में तीनों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। उधर, नरायन दास का कहना है कि चुनावी रंजिश में पेशबंदी के तहत झूठा मुकदमा लिखाया गया है। उनकी समर्थक एक महिला ने महीने भर पहले प्रधान के पति, उसके बेटों के खिलाफ बहला-फुसलाकर भगा ले जाने, यौनशोषण करने और लूटपाट की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कराई थी।