पांच साल बाद भी 35 हजार का कर्ज न चुका पाने और बेटी की शादी के लिए इंतजाम रुपयों का नहीं कर पाने से तनाव में आए किसान दिग्विजय सिंह ने मालगाड़ी के आगे लेटकर आत्महत्या कर ली। रविवार दोपहर एक बजे आंवला रेलवे स्टेशन और रेवती के बीच उसकी लाश मिली।
जांच में पता चला कि 57 वर्षीय दिग्विजय के किसान क्रेडिट कार्ड पर अप्रैल 2012 का लोन था, जिसे वह चुकता नहीं कर पा रहा था। बेटी की शादी के लिए वह चार बीघा जमीन बेचना चाहता था, लेकिन उसका बेटा आड़े आ गया। बेटे से उसकी मारपीट तक हो गई थी। इसी तनाव में दिग्विजय ने खुदकुशी कर ली। एडीएम वित्त मनोज कुमार पांडेय ने एसडीएम को गांव में किसान के घर का मौका मुआयना करके जांच रिपोर्ट देने के निर्देश दिए हैं।
दिग्विजय रामनगर के रहने वाले थे। सिरौली के गांव पिपरिया उपराला में शादी होने के बाद वह ससुराल में रहने लगे थे। उनके तीन बेटे और दो बेटियां हैं। उसकी रामनगर में चार बीघा जमीन है। पोस्टमार्टम हाउस पर आए परिवार वालों के मुताबिक, दिग्विजय को बेटी की शादी करनी थी। इसके लिए वह चार बीघा जमीन बेचना चाहते थे। इस पर उनकी बेटे से मारपीट हो गई थी। खुदकुशी के बाद उनकी जेब से एक सुसाइड नोट भी मिला, जिसमें बेटे पर मारपीट के लिए नाराजगी जताई गई थी। दिग्विजय ने पहले रेलवे लाइन पर बैठकर शराब पी थी। एक हाथ पर अपना नाम-पता भी लिखा। उसके बाद सिर के नीचे गत्ता लगाकर रेल पटरी पर लेट गए थे।
किसान की आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं थी। उसके पारिवारिक हालात को जानने के लिए एसडीएम से रिपोर्ट मांगी गई है। जांच के बाद ही कुछ कहा जा सकता है। - मनोज कुमार पांडेय, एडीएम वित्त