सीजेएम कुसुमलता राठौर के घर में घुसकर उन्हें बंधक बनाने और उनके पांच वर्षीय भाई के अपहरण की कोशिश की आरोपी इंस्पेक्टर अनुपम का कहना है कि सीजेएम से उनके सालों पुराने पारिवारिक रिश्ते हैं। उनके पिता पन्नालाल राठौर मूल रूप से मथुरा के बलदेव का रहने वाले हैं। अब पूरा परिवार लखनऊ की आशियाना कॉलोनी में बस गया है। अनुपम के मुताबिक उनके और सीजेएम के के पिता के बीच दोस्ती थी। शुरू से दोनों परिवारों के बीच काफी जुड़ाव रहा है। 2015-16 में पीलीभीत मेें तैनाती के दौरान सीजेएम होली और दिवाली के त्योहार थाने आकर मनाती थीं। वह भी अक्सर उनके सरकारी आवास पर जाती थी। सीजेएम के पिता को दत्तक पुत्र दिलाने में भी उन्हीं की भूमिका रही थी।
महिला थाने में पुलिस हिरासत में मौजूद इंस्पेक्टर अनुपम ने बताया कि कुछ समय पहले सीजेएम से उनके रिश्तों में खटास आ गई। दोनों के बीच झगड़े होने की बात भी अनुपम ने पुलिस वालों को बताई, हालांकि कहा कि उन्होंने कभी यह नहीं सोचा था कि बात इस हद तक पहुंचेगी। बकौल अनुपम, बुधवार शाम को सीजेएम ने खुद उन्हें फोन करके बुलाया। वह गईं तो कमरे में बैठाकर बाहर से दरवाजा बंद कर दिया गया। अंदर नौकरानी जया कुर्सी पर बैठी रही। वह खिड़की से देख रही थीं कि वह कुछ लोगों से बाहर बात कर रही है। इसके कुछ देर बाद पुलिस आ गईं और उन्हें पकड़ लिया गया। महिला कांस्टेबल लता सेटेलाइट बस स्टैंड के निकट आजाद कॉलोनी की निवासी है। उनकी शादी भी बदायूं में हुई है। उन्होंने बताया, हाल में उनका ट्रांसफर लखनऊ जोन हो गया है। वहीं नुपमा का भी लखनऊ जोन में ट्रांसफर होने के बाद उन्हें फैजाबाद में तैनाती मिली है।
इन धाराओं में दर्ज हुई रिपोर्ट
इंस्पेक्टर अनुपम सिंह और सिपाही लता के खिलाफ आईपीसी के तहत लूट की धारा 393, घर में घुसकर मारपीट की धारा 452, हत्या की नियत से अपहरण की धारा 364, मारपीट की धारा 323, गालीगलौज की धारा 504, जान से मारने की धमकी देने की धारा 506, बंधक बनाने की धारा 342, जानलेवा हमला की धारा 307 के तहत एफआईआर हुई है।
थाने में बेहोश हुईं दोनों पुलिसकर्मी, अस्पताल में भर्ती
महिला थाने में पुलिस हिरासत के दौरान इंस्पेक्टर अनुपम और सिपाही लता की तबीयत बिगड़ गई। अनुपम सिंह बेहोश हो गईं। इसके बाद दोनों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। इस बीच दीवानी न्यायालय परिसर में कोतवाली पुलिस ने रिमांड के लिए प्रपत्र प्रभारी सीजेएम/अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट सुशील कुमार के समक्ष पेश किए। पुलिस ने उन्हें बताया कि आरोपी की तबियत खराब होने के कारण उन्हें पेश नहीं किया जा सका। सुशील कुमार ने प्रभारी जनपद न्यायाधीश को प्रार्थनापत्र देकर इस संबंध में दिशा निर्देश दिये जाने की अपेक्षा की। इसके बाद एसीजेएम तृतीय ने जिला अस्पताल पहुंची। कोतवाली पुलिस को 25 अक्तूबर तक रिमांड दी गई है।