2008 में अलीगढ़ के कुख्यात अपराधी और 10 हजार के इनामी बदमाश हसीन बंटी को मुठभेड़ में मार गिराने वाले तत्कालीन एसएसपी विनोद कुमार सिंह, एसपी सिटी प्रबल प्रताप सिंह, सीओ अरुण कुमार सिंह और इंस्पेक्टर किरनपाल सिंह को बहादुरी का पुरस्कार पाने के लिए आठ साल इंतजार करना पड़ा। सरकार चारों पुलिस अफसरों को स्वतंत्रता दिवस के मौके पर बहादुरी का मेडल देकर सम्मानित करेगी। शहर के इज्जतनगर थाना क्षेत्र में आठ नवंबर 2008 को अलीगढ़ के कुख्यात 10 हजार के इनामी बदमाश हसीन उर्फ बंटी ने फन सिटी मालिक अनिल अग्रवाल के मुनीम का अपहरण कर लिया था। बदमाश की मुनीम को गाड़ी में डालकर पीलीभीत बाईपास रोड पर पूर्णागिरी ढाबे से भाग रहा था। सूचना मिलते ही तत्कालीन एसएसपी विनोद कुमार सिंह, एसपी सिटी प्रबल प्रताप सिंह, सीओ अरुण कुमार और इज्जतनगर इंस्पेक्टर किरनपाल सिंह ने बैरियर एक से बदमाश का पीछा करना शुरू कर दिया। तत्कालीन इंस्पेक्टर किरनपाल सिंह के अनुसार दूसरी ओर से एसओ की टीम बदमाश का पीछा कर रही थी। नहर के किनारे बदमाश की गाड़ी का टायर पंक्चर होेने पर पुलिस ने उसे घेरा तो बदमाश ने पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस की ओर से भी फायरिंग होने लगी। आधे घंटे की मुठभेड़ में 10 हजार का इनामी बदमाश हसीन उर्फ बंटी मारा गया। पुलिस ने मुनीम को भी छुड़ा लिया। एक गोली तत्कालीन एसएसपी की जैकेट में भी लगी। जैकेट बुलेट प्रूफ होने की वजह से जान माल का नुकसान नहीं हुआ। तत्कालीन एसएसपी विनोद कुमार सिंह वर्तमान में भारत सरकार के गृहमंत्रालय में सचिव हैं जबकि तत्कालीन एसपी सिटी प्रबल प्रताप सिंह गौतमबुद्ध नगर में अपर पुलिस अधीक्षक, अरुण कुमार सिंह मथुरा में एसपी सिटी के पद पर तैनात हैं जबकि इंस्पेक्टर किरनपाल सिंह की तैनाती बरेली आईजी ऑफिस में है।