Durga was not in Jawaharlal Duli awakening
- फोटो : बरेली, अमर उजाला
दौली जवाहरलाल में खड़ंजे पर बने पूजा स्थल को हटाए जाने पर हुए बवाल के बाद पुलिस ने 31 अक्तूबर को गांव के ही शिव मंदिर पर होने वाला दुर्गा जागरण भी नहीं होने दिया। एसओ का कहना है कि प्रधान मकसूद अली से शांतिपूर्ण आयोजन की जिम्मेदारी लेने को कहा गया था लेकिन वह जोखिम उठाने को तैयार नहीं हुए। इस कारण आयोजन की अनुमति नहीं दी गई।
मंगलवार को भी ग्रामीणों में पुलिस कार्रवाई को लेकर गुस्सा रहा। गांव में शांति है। हालांकि पुलिस बल अब भी तैनात है। ग्रामीणों का कहना है कि पहले तो पूजा स्थल हटाया फिर जिला पंचायत सदस्य ममता गंगवार और नौ अन्य महिलाओं को पकड़कर थाने भेज दिया गया। इसके बाद 22 नामजद और 60 अज्ञात लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करा दी गई। उधर, प्रधान मकसूद ने बताया कि गांव में हिंदू-मुस्लिमों की आबादी 50-50 फीसदी है। दोनों समुदाय वर्षों से भाईचारे से रहते आए हैं और एक-दूसरे के त्योहारों, शादी-ब्याह में भी शरीक होते हैं। हिंदू समुदाय के लोग पहले ही उसे भरोसे में ले लेते तो शायद विवाद इतना तूल पकड़ता ही नहीं। भाजपा जिला महामंत्री अजय राजपूत ने पुलिस प्रशासन पर सपा शासन के इशारे पर एकपक्षीय कार्रवाई करने और दुर्गा जागरण भी न करने देने पर नाराजगी जताई है। उन्होंने कहा कि भाजपा इस मुद्दे पर गांव वालों के साथ है। वह ग्रामीणोें को इंसाफ दिलाने के लिए इस मुद्दे पर पुलिस-प्रशासन के खिलाफ संघर्ष करेंगे।