डॉयल 100 की कार्रवाई के दायरे में आए लोगों को अब संबंधित थाना पुुलिस यूं ही छोड़कर मामला खुर्दबुर्द नहीं कर सकेगी। पीआरवी के एक्शन की मॉनीटरिंग अब एडीजी स्तर के अधिकारी मोबाइल के जरिये कर सकेंगे। इसके लिए पुलिस माड्यूल एप उनके सीयूजी मोबाइल में अपलोड कर दिया गया है।
अपराध पर नियंत्रण को शुरू की गई डॉयल 100 सेवा को और बेहतर बनाने के लिए लगातार प्रयोग हो रहे हैं। अब तक व्यवस्था थी कि पीआरवी किसी मामले में आरोपी को पकड़ने के बाद उसे संबंधित थाना पुलिस के हवाले कर देती थी। थाने में मौजूद रजिस्टर में कार्रवाई दर्ज करके स्टाफ चला आता था। अफसरों को इसकी जानकारी नहीं हो पाती थी, लिहाजा ज्यादातर मामलों को थाना पुुलिस ले-देकर निपटा देती थी। अब ऐसा करना मुश्किल होगा। डॉयल 100 कंट्रोल रूम की ओर से सभी अधिकारियों के मोबाइल में पुलिस माड्यूल एप अपलोड कर दिया गया है। इसमें डॉयल 100 की हर कार्रवाई का डाटा अपडेट होता रहेगा। अधिकारियों को पता रहेगा कि किस पीआरवी ने किसे, किस अपराध में पकड़ा और उसके बाद थाना पुलिस ने उस मामले में क्या किया? इससे थाना पुलिस की जवाबदेही बढ़ जाएगी।
वर्जन
हां, यह एप अधिकारियों के मोबाइल में अपलोड कर दिया गया है। इससे डॉयल 100 की कार्रवाई में पारदर्शिता बढ़ेगी। थाना पुलिस को हर हाल में मामले का निस्तारण दिखाना ही होगा।
- रोहित सिंह सजवाण, एसपी सिटी