गलत फहमी में न रहें, पुराना कर्जा ही माफ होगा
- फोटो : Do not stay in the wrong way, old debt will be forgiven
बरेली सहित यूपी के सभी जिलों के किसान गलत फहमी में न रहें कि अब तक का पूरा फसली ऋण माफ हो जाएगा। आरबीआई गाइड लाइन के अनुसार वही कर्जा माफ हो सकता है जो कि पिछले वित्तीय वर्ष तक का बकाया है। यानी कि जून 2016 तक का कर्जा ही माफ होगा, इस साल लिया गया कर्जा माफी में शामिल नहीं होगा। मौजूदा फसल का कर्जा माफ करने का कोई प्रावधान नहीं हैं। पिछले साल अप्रैल से दिसंबर तक दिए गए कर्जे की अदायगी अप्रैल मई की फसल की उपज के आधार पर जून तक किसानों को करनी होगी। इस वित्तीय वर्ष के कर्जे को छोड़कर बाकी के कर्जे का ब्योरा आरबीआई और प्रदेश सरकार के वित्त विभाग ने बरेली सहित सभी जिलों के अफसरों से अलग-अलग मांगा है।
प्रमुख सचिव फाइनेंस और आरबीआई की ओर से मांगी गईं जानकारियों को बैंक तथा प्रशासनिक अधिकारी तैयार करने में जुट गए हैं। पिछले साल दिसंबर में रबी फसल तक 63 हजार किसानों ने 6.77 अरब का कर्जा जिले की बैंकों से लिया था। पीएम नरेंद्र मोदी की घोषणा के बाद किसान मान बैठे हैं कि इस साल की रबी फसल के लिए लिया गया कर्जा भी मांग होगा।
शासन ने अभी तक अपने पत्ते नहीं खोले हैं कि वह अब तक का पूरा कर्जा माफ करेगी या फिर तीन साल पुराने कर्जे की राशि माफ की जाएगी। आरबीआई गाइड लाइन को ध्यान में रखकर शासन स्तर पर कर्ज माफी की कवायद की जा रही है। सरकार पहले फेज में आर्थिक रूप से कमजोर एक एकड़ जमीन वाले किसानों का कर्जा ही माफ करने के मूड में है। हालांकि चुनावी सभाओं में सामान्य तौर पर किसानों का कर्जा माफ करने की बात कही गई है। नए मंत्रिमंडल को तय करना है कि किसानों के कर्ज माफी का स्वरूप क्या होगा। जिले के किसानों पर 6.77 अरब का कर्ज क्रेडिट कार्ड तथा अन्य माध्यमों से फसल के लिए दिया है। इसमें ट्रैक्टर, ट्राली तथा अन्य उपकरण खरीद को दिए गए 2.87 अरब रुपये का कर्जा शामिल नहीं है।