चंदौली के अपर जनपद न्यायाधीश/ प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय जैगम उद्दीन के देर रात तक डीजे बजने को लेकर नोटिस दिए जाने को लेकर शासन बेहद गंभीर है। डीजीपी का फरमान आते ही डीआईजी आशुतोष कुमार ने रात दस बजे के बाद शादी समारोह में डीजे बजाने पर पाबंदी लगाने के आदेश दिए हैं। उनकी तरफ से बरेली रेंज के चारों जिलों के एसएसपी और एसपी को इस आदेश को तत्काल लागू करने को कहा है।
26 जनवरी को एडीजे ने चंदौली की जिला मजिस्ट्रेट को पत्र लिखकर कहा था कि मुगलसराय में सुप्रीम कोर्ट के आदेश की अवहेलना करके रात दस बजे तक डीजे बजाया जा रहा है। हाल यह है कि उनके कमरे तक रात को डीजे की आवाज आती है। उन्होंने कई बार डीआईजी वाराणसी को एसएमएस करके शिकायत की। 27 जनवरी को डीजे बजाया जा रहा था। उनकी सूचना पर मुगलसराय के प्रभारी निरीक्षक डीजे बंद नहीं करा पाए। डीआईजी से शिकायत करने पर डीजे बंद हो पाया। इसके बाद शिकायत करने पर डीजे बंद नहीं हो कराया गया। एडीजे ने तीन सुझावों के साथ इसी पत्र को नोटिस बताते हुए इसकी प्रतिलिपि उत्तर प्रदेश शासन से मुख्य सचिव, डीपीजी आदि को भेजी तो कार्रवाई शुरू हो गई। छह फरवरी को एडीजी कानून एंव व्यवस्था ने सभी जिलों के पुलिस अधिकारियों को पत्र लिखकर सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर अमल कराने के आदेश दिए। डीआईजी ने एडीजे के पत्र का हवाला देकर शाहजहांपुर, बरेली, बदायूं और पीलीभीत जिलों के पुलिस अधिकारियों को रात दस बजे के बाद डीजे बंद कराने को कहा है। बरेली के एसएसपी जोगेंद्र कुमार ने एएसपी और सीओ को डीजे बंद कराने के निर्देशों पर सुझावों के साथ अमल कराने के आदेश दिए हैं।
यह हैं एडीजे के सुझाव
-डीजे संचालकों से एक-एक लाख रुपये के मुचलके भरवाए जाएं कि भविष्य में रात दस बजे के बाद किसी भी परिस्थिति में अपना डीजे किसी समारोह में नहीं बजाऊंगा।
-मैरिज लॉन के मालिकों से पांच-पांच लाख रुपये के मुचलके लिए जाएं कि वे अपने मैरिज लान में रात दस बजे के बाद डीजे नहीं बजने देगा।
-जिस व्यक्ति के समारोह में डीजे बजता पाया जाए, उसका समारोह तत्काल प्रभाव के बंद कराने के बाद उससे जुर्माना वसूला जाना चाहिए।