वाणिज्य कर और मंडी समिति की मिली भगत से अब तक बीस लाख कुंतल से ज्यादा गेहूं दिल्ली और उत्तराखंड जा चुका है। किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य का फायदा भले ही नहीं मिल पा रहा है, लेकिन तस्कर मालामाल जरूर हो गए हैं। रविवार रात में मंडी सचल दल ने अचानक चेकिंग कर 150 कुंतल गेहूं पकड़ा है।
‘अमर उजाला’ ने पिछले दिनों खुलासा किया था कि टैक्स चोर तस्कर वाणिज्य कर और मंडी समिति से मिली भगत कर बड़े पैमाने पर गेहूं दिल्ली ले जा रहे हैं। शाहजहांपुर और पीलीभीत जिलों से तस्करों ने पुल भट्टा, सितारगंज रास्ते से गेहूं उत्तराखंड पहुंचाने में जुटे हैं। इन दोनों विभागों ने आज तक कोई प्रभावी योजना नहीं बनायी जिससे अब तक बीस लाख कुंतल से ज्यादा गेहूं मंडल से दिल्ली आदि मंडी में पहुंच गया। इसका असर स्थानीय सरकारी खरीद पर पड़ा है। तस्करों की सक्रियता के चलते गेहूं क्रय केंद्र सूनसान पड़े हैं। रविवार को आंवला से दिल्ली जा रहा कंटेनर वाहन मंडी सचल दल प्रभारी ने पकड़ा। इसमें 150 कुंतल गेहूं पकड़ना दिखाया गया है। इस केंटनर में वैसे चार सौ कुंतल गेहूं आता है। मंडी सचिव विमल बाजपेयी ने बताया कि सचल दल द्वारा पकड़ा गया गेहूं मंडी परिसर में जमा है।
एसडीएम ने धान पकड़ा
एसडीएम आंवला ने देवचरा मंडी से हरियाणा तस्करी कर ले जाया रहा धान पकड़ा है। धान से भरा कंटेनर वाहन एसडीएम ने मंडी परिसर में खड़ा कराया है। बताया जाता है कि बरेली और आसपास इलाकों में पैदा होने वाला बासमती आदि उच्च श्रेणी वाला धान हरियाणा, दिल्ली और पंजाब आदि मंडी में टैक्स चोरी कर ले जाया जाता है।