सिद्धार्थनगर में इंजीनियर की पत्नी की जहर से मौत हो गई। आरोप है कि उसे दहेज के लिए प्रताड़ित किया जा रहा था और पति से मंगलवार शाम उसका झगड़ा हुआ था। उसके बाद ही उसकी तबियत बिगड़ गई। पति ने चुपके से मिशन अस्पताल में भर्ती करवा दिया था जहां उसने दम तोड़ दिया। बुधवार सुबह शाहजहांपुर के जलालाबाद से मायके पक्ष के लोग पहुंच गए और ससुराल वालों से अस्पताल में ही जमकर मारपीट हुई। बाद में पिता की तहरीर पर पति, सास, ससुर समेत छह के खिलाफ दहेज हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी जहर से मौत की पुष्टि हुई है।
शाहजहांपुर के जलालाबाद निवासी रमेश चंद्र मेडिकल कारोबारी हैं। उनका बेटा कुलदीप वर्तमान में बदायूं में अंडर ट्रेनी सीओ प्रथम हैं। उनकी बेटी प्रियंका (35) की शादी वर्ष 2015 में प्रेमनगर के सिद्धार्थनगर कॉलोनी निवासी नीतेश गुप्ता से की गई थी। नीतेश पेशे से इंजीनियर है। परिवार का आरोप है कि शादी के बाद प्रियंका को लगातार प्रताड़ित किया जा रहा था। प्रियंका के गर्भवती होने के बाद रमेश और कुलदीप उसको विदा कराने के लिए कहते रहे, लेकिन ससुरालियों ने विदा नहीं किया था। प्रियंका ने बेटी दित्या को जन्म दिया था। लेकिन बेटी होने के बाद ससुरालियों के अत्याचार बढ़ गये थे। प्रियंका के पिता के आरोप हैं कि उसको भूखा रखा जाता था। पति कमरें में बंधक बनाकर रखता था। जिसकी जानकारी प्रियंका फोन पर परिवार को देती थी।
दाल में नमक कम की होती थी शिकायत
रमेश का आरोप है कि नीतेश फोन पर दाल में नमक कम और सब्जी अच्छी नहीं बनने की शिकायत तक करता था। बेटी होने के बाद पति ने प्रियंका के कमरे में जाना बंद कर दिया था। वह रात में अपनी मां के कमरे में ही सो जाता था। परिवार में नीतेश की दूसरी शादी की बातचीत चल रही थी।
डॉक्टर को नहीं दिखा रहा था नीतेश, हुआ था झगड़ा
नीतेश की बेटी दित्या की तबीयत तीन दिन से खराब थी। बुखार और लूस मोशन थे। मंगलवार शाम को प्रियंका का नीतेश से झगड़ा हुआ था। प्रियंका बेटी को डॉक्टर के पास ले जाने की जिद कर रही थी। नीतेश बेटी को डॉक्टर के पास ले जाना नहीं चाहता था। नीतेश के मुताबिक वह झगड़े के बाद कमरे से बाहर आ गया था। वापस जाने पर पता चला कि प्रियंका ने जहर खा लिया था। नीतेश के मुताबिक वह शाम को ही मिशन अस्पताल लेकर पहुंचा। प्रियंका की हालत गंभीर बनी हुई थी। हालांकि परिवार ने प्रियंका के परिवार को खबर नहीं दी थी।
बहन ने अस्पताल में पकड़ा हाथ, खुला भेद
प्रियंका का ममेरा भाई दीपक निवासी बदायूं उसैल अपने दोस्त के पिता को भर्ती करवाने के लिये मिशन अस्पताल पहुंचा था। दीपक ने बताया कि उसका हाथ स्ट्रेचर पर ले जाते हुए किसी महिला ने पकड़ा था। मुड़कर देखने पर मालूम हुआ कि वह प्रियंका थी। इसके बाद उसने जलालाबाद में रमेश और बदायूं में कुलदीप को सूचना दी। इसी दौरान प्रियंका की मौत की सूचना आ गई।
अस्पताल में परिवारों के बीच हुई भिड़ंत
बताते हैं कि मिशन अस्पताल पहुंचने के बाद प्रियंका के परिवार की नीतेश के परिवार से झगड़ा हुआ था। बेटी की मौत से दुखी परिवार खबर नहीं देने से हत्या के आरोपों के साथ मिशन अस्पताल परिसर में ही मारपीट करने लगा। मिशन में तैनात गार्डों ने परिवार के लोगों को अलग किया। परिवार वालों ने पुलिस को बुलाकर नीतेश, मामा राजपाल को पुलिस के हवाले कर दिया।
प्रियंका की मौत जहर से हुई है। पति और सास-ससुर के खिलाफ दहेज प्रताड़ना की तहरीर के बाद मुकदमा दर्ज किया गया है। मामले की जांच करवाई जा रही है।
-रोहित सिंह सचवाण, एसपी सिटी