पुलिस बैकफुट पर है और बदमाशों के हौसले आसमान पर। नतीजा यह है कि अब शहर के बीचोबीच घनी आबादी में भी डकैतियां पड़ रही हैं। कोरल मोटर्स के मालिक के घर के बाद बाद रामपुर बाग में शुक्रवार रात बदमाशों ने विकास भवन के सामने डॉ. वीके चावला के क्लीनिक को निशाना बनाया। वह भी रात साढ़े ग्यारह बजे तब जब सड़कों पर लोगों की अच्छी-खासी आमदरफ्त जारी थी। तीन बाइकों पर आए सात बदमाशों ने पहले क्लीनिक पर मौजूद चौकीदार को तमंचे दिखाकर कब्जे में लिया और फिर डॉ. चावला के केबिन का दरवाजा उखाड़कर उनकी दराज में पड़ा कैश और दो कीमती मशीनें लूट ले गए। हालांकि पुलिस ने चौकीदार के बयान पर शक जताते हुए चोरी की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है।
डॉ. चावला के मुताबिक शुक्रवार रात 11 बजे डॉ उन्होंने क्लीनिक बंद कराया था और फिर अपने एक परिचित की शादी में चले गए थे। उनके क्लीनिक पर कैंट के कांधरपुर गांव निवासी जगदीश कुमार चौकीदारी करता है जो शुक्रवार रात भी क्लीनिक के बाहर बैठा था। चौकीदार जगदीश कुमार ने बताया कि रात करीब साढ़े 11 बजे उसे हल्की सी झपकी लगी, तभी तीन बाइकों पर सवार सात लोग क्लीनिक पर पहुंछए। उन्होंने उसे झिंझोड़कर जगाया और फिर दो लोगों ने उसकी कनपटी के दोनों तरफ तमंचे लगाकर कब्जे में कर लिया। बदमाश उसे शोर मचाने पर जान से मारने की धमकी देते हुए सरिया से क्लीनिक के ताले तोड़कर अंदर घुस गए।
क्लीनिक में घुसने के बाद बदमाशों ने डॉक्टर के केबिन का दरवाजा उखाड़ दिया और फिर उनकी दराज भी तोड़ दी। दराज में सिर्फ दो हजार रुपये पड़े थे जो उन्होंने निकाल लिए। इसके बाद केबिन में रखी दो कीमती मशीनें भी उठा लीं। जाते समय बदमाश क्लीनिक के शटर में लगे ताले भी साथ लेते गए। चौकीदार के मुताबिक बदमाशों के जाने के बाद उसने पड़ोस में सो रहे मजदूरों को जगाकर घटना की खबर दी। मजदूरों ने साइकिल से अपने मालिक के घर जाकर घटना की जानकारी दी। उनके मालिक ने डॉ. चावला को फोन किया लेकिन शादी में शोरशराबे के डॉ. चावला ने फोन ही नहीं उठाया। लगातार कोशिश करने पर करीब 20 मिनट बाद डॉ. चावला ने फोन रिसीव किया तो उन्हें घटना की जानकारी दी गई।
डॉ. चावला ने पुलिस के आला अधिकारियों को फोन पर घटना की सूचना दी। शादी समारोह में मौजूद अन्य डॉक्टरों के साथ खुद भी अपने क्लीनिक पर पहुंच गए। इंस्पेक्टर कोतवाली अनिल समानिया और सीओ असित श्रीवास्तव ने रात में ही मौके पर पहुंचकर घटना के बारे में छानबीन की। पुलिस ने चोरी की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। सीओ सिटी असित श्रीवास्तव ने बताया कि चौकीदार के बयानों में फर्क है। चोरी का मामला दर्ज कराकर विवेचना कराई जा रही है। लूट की बात सामने आएगी तो देखा जाएगा।
चार महीने पहले भी हो चुकी है चोरी
-डॉ. वीके चावला ने बताया कि चार महीने पहले भी उनके क्लीनिक के ताले तोड़ दिए गए थे। उसके बाद ही उन्होंने चौकीदार रखा था। पुलिस पहली घटना का भी खुलासा नहीं कर पाई। अब दोबारा घटना हो गई। पुलिस उनसे रंजिश के बारे में भी पूछ रही है लेकिन कोई रंजिशन घुसा होता तो नुकसान पहुंचाने की कोशिश करता। उनकी एलसीडी भी तोड़ सकता था। उसने सीधे दराज तोड़ी और कीमती मशीनें उठाई हैं। इसका मतलब साफ है कि बदमाश लूटपाट के इरादे से ही आए थे।
मैं नेता जी का रिश्तेदार हूं
पुलिस की पूछताछ के दौरान चौकीदार जगदीश कश्यप ने एक बड़े नेता का नाम लेते हुए कहा कि वह उनका रिश्तेदार है। उसके बारे में उनसे पूछा जा सकता है। उसकी कोई गलती नहीं है। उसे तो बदमाशों ने आते ही पकड़ लिया था।