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दवा कारोबारी का चेक चुराकर सवा लाख निकाले

Tue, 12 Jul 2016 01:17 AM IST
ब्ययूराो, अमर उजाला बरेली।
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 भारतीय स्टेट बैंक की एकता नगर शाखा के ड्राप बाक्स से दवा कारोबारी संजय सक्सेना का चेक चोरी करके सवा लाख रुपये की नकदी निकाल ली गई। चोरों ने चेक में भी कटिंग कर दी। बैंक के सीसीटीवी फुटेज में चोरों की तस्वीरें कैद हो गई हैं। 
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टिवरीनाथ कॉलोनी के पास स्थित बीडीए कॉलोनी में रहने वाले संजय सक्सेना का दवा का थोक का कारोबार है। चार जुलाई को उन्होंने विदेश में रहने वाली साली विदुषी के नाम से सवा लाख का चेक काटकर एसबीआई की एकता नगर शाखा के ड्राप बाक्स में डाल दिया था। एसबीआई में उनकी साली का खाता है। संजय की फर्म का खाता सर्वोदयनगर स्थित सिंडीकेट बैंक में है। इसी बैंक का चेक भी था। साली के नाम चेक उन्होंने उधारी चुकाने के लिए एसबीआई के ड्राप बाक्स में डाला था। आठ जुलाई को संजय के मोबाइल नंबर पर मैसेज आया तो उन्होंने एप से खाता देखा। इस दौरान मालूम हुआ कि चेक का भुगतान निदाशक के नाम से हुआ है। एसबीआई के बजाए भुगतान सिंडीकेट बैंक से ही हो गया। संजय ने चेक की फोटो मोबाइल में कर रखी थी। उसे बैंक आकर देखा तो चेक पर कटिंग की बात सामने आ गई। चेक के पीछे लिखे मोबाइल नंबर को भी कटिंग करके बदल दिया। संजय की शिकायत पर बैंक में हड़कंप मच गया। मैनेजर गौरव कंडपाल ने इंजीनियर बुलाकर सीसीटीवी फुटेज देखी। साथ ही उस दिन ड्यूटी पर तैनात कैशियर को बुला लिया। बातचीत में बैंक अधिकारी ने चेक पास करने की बात स्वीकार कर ली। फुटेज में दो व्यक्ति बैंक से निकलते दिखाई दे रहे हैं। उनके पीछे एक व्यक्ति रुपये लेकर बैंक से बाहर निकल रहा है। संभवता यही गैंग दवा कारोबारी के चोरी हुए चेक से रुपये निकालकर ले गए हैं। संजय ने बताया कि मामले में मुकदमा लिखाने को उन्होंने प्रेमनगर थाना प्रभारी को प्रार्थना पत्र दे दिया है, लेकिन मुकदमा अभी तक दर्ज नहीं हुआ है। 


इस तरह पास कैसे हो गया चेक
बैंकों में यूं तो खाता खोलने से लेकर भुगतान तक आम आदमी को कई लोगों की छानबीन के होकर गुजरना होता है। आम आदमी का खोलना ही मुश्किलों भरा काम है। ऐसे में दवा कारोबारी के चेक पर दो स्थानों पर कटिंंग करके सवा लाख रुपये निकाल लिए गए। चेक पास करने वाले बैंक अधिकारी ने उस ध्यान ही नहीं दिया। जबकि संजय का बैंक में दो साल से खाता है। उन्हें बैंक का हर कर्मचारी अच्छी तरह से जानता भी है। 
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कोई तो मिला हुआ है
एसबीआई के ड्राप बाक्स से चेक चोरी होने की बात किसी को हजम नहीं हो रही है। बैंक के जिस रजिस्टर में चेक को चढ़ाया जाता है, उसमें भी उसकी एंट्री नहीं है। संजय का कहना है कि उनसे गलती यह हो गई है कि चेक को उन्होंने क्रास नहीं किया था। शायद इसी का फायदा उठाकर किसी ने उनका चेक चोरी करके रुपये निकाल लिए हैं। 
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