जनकपुरी स्थित लाइंस रोहिला इंटर कॉलेज में अनुशासन के नाम पर शिक्षकों ने करीब 100 छात्रों के जबरन बाल काट डाले। छात्र विरोध न कर सकें इसके लिए क्लासरूम बंद कर दिया गया। जब अभिभावकों को इसका पता चला तो उन्होंने कॉलेज पहुंचकर जमकर हंगामा किया। मामले की शिकायत डीएम तक भी पहुंची है। उन्होंने मजिस्ट्रेट को जांच के निर्देश दिए हैं। वहीं प्रधानाचार्य का कहना है कि कॉलेज में अनुशासन बनाए रखने को यह कदम उठाया गया।
लाइंस रोहिला कॉलेज माध्यमिक शिक्षा परिषद से मान्यता प्राप्त है। कॉलेज के काफी छात्र स्टाइलिश बाल रखे हुए हैं। कॉलेज प्रशासन की ओर से कुछ दिन पूर्व ही इन छात्रों को बाल कटवाने को लेकर नोटिस जारी किया गया था लेकिन छात्रों ने अपने बाल नहीं कटवाए। शनिवार को छात्र कॉलेज आए तो पहले से ही बाल काटने का मन बनाए बैठे शिक्षकों ने क्लासरूम बंद करके जबरन छात्रों के बाल कटवाने शुरू कर दिया। कक्षा नौ और ग्यारह के करीब 100 छात्रों के सर के बाल काट दिए। ताकि छात्र अपने बाल छोटे कराने को मजबूर हो जाएं। छात्रों ने इसकी सूचना अपने घरों पर दी तो अभिभावक कॉलेज पहुंचे और कॉलेज प्रशासन के रवैये पर कड़ी आपत्ति जताई। शिक्षकों से नोकझोंक भी हो गई। गुस्साए अभिभावकों ने जमकर हंगामा काटा। अभिभावक ऋतिक बंसल का कहना था अगर बच्चों ने बाल बड़े रखे थे तो कॉलेज प्रशासन को उनके बेइज्जत करने का कोई अधिकार नहीं। अगर आपत्ति थी तो अभिभावकों से शिकायत करनी चाहिए थी। बड़ी मुश्किल से हंगामा शांत कराया जा सका।
छात्रों को कई बार बाल कटवाने को लेकर नोटिस दिया गया, लेकिन वह नहीं माने। कॉलेज अनुशासन से चलता है। इसलिए ही यह कदम उठाना पड़ा। मेरा मकसद छात्रों को बेइज्जत करना नहीं बल्कि अनुशासन सिखाना था।
-अनुराधा सिंह, प्रधानाचार्य, लाइंस रोहिला इंटर कॉलेज
इस तरह से कॉलेज में जबरन छात्रों के बाल काटना बेहद शर्मसार करने वाली बात है। मामले की जांच कराई जाएगी। मामला सही पाया गया तो कॉलेज प्रशासन के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
-मुन्ने अली, डीआईओएस
पहले भी काटे जा चुके हैं छात्रों के बाल
लाइंस रोहिला इंटर कॉलेज में पहले भी छात्रों के बाल काटे जा चुके हैं। कक्षा ग्यारह और बारह के छात्रों को कुछ दिन पूर्व ही बालों को लेकर नोटिस जारी किया गया था।
छात्राओं को अलग कमरे में बंद किया
बाल काटने की घटना के अलावा लाइंस रोहिला कॉलेज में अनुशासन के नाम पर छात्राओं को भी अलग कमरे में बंद करने का मामला सामने आया। कॉलेज प्रशासन का कहना था कि कॉलेज का समय आठ बजे का था और ये छात्राएं पौन घटना पहले ही आ जाती थीं। छात्रों के साथ बातें करती थीं। इसलिए इन छात्राओं को अलग कमरे में बैठाया गया।