इस बार खेल दोहराने की जानकारी मिलने पर एफसीआई मुख्यालय से आए जांच दल ने कई गोदामों से नमूने भरे हैं।
धान खरीद बंद होते ही एफसीआई ने चावल की सप्लाई राज्य खाद्य विभाग के गोदामों पर शुरू करा दी है। कायदे से ये नया चावल होना चाहिए लेकिन गोदामों में पुराना और सड़ा चावल भेजा गया है। हर साल होने वाले इस खेल में कई बड़े शामिल हैं। बताया जाता है कि पंजाब से आने वाला चावल ज्यादा टूटा और डैमेज है। यह मानक के विपरीत है। पुराना होने से इसका रंग बदल गया है और किनारे भी काले हो रहे हैं। कोटेदार और एफसीआई के बीच चेकिंग और गुणवत्ता मानक नियंत्रण के लिए कई एजेंसियां और सिस्टम हैं, बावजूद इसके खराब खाद्यान्न आसानी से वितरित हो रहा है। नियमानुसार इसका सैंपल सुरक्षित किया जाता है, लेकिन इसमें भी घालमेल ही होता है। एफसीआई उत्तरप्रदेश जीएम देवेंद्र सिंह चौहान ने बताया कि अब नया टावल सप्लाई करने से पहले उप महाप्रबंधक स्तर का अधिकारी पहले जांच करेगा। संस्तुति मिलने पर ही नया चावल सप्लाई होगा। चौहान ने बताया कि नया चावल रिसाइकिल हो जाता है, इसलिए प्रतिबंध लगाया गया है।
यहां हुई जांच
बहेड़ी, बदायूं, पूरनपुर और पीलीभीत आदि स्थानों पर खराब चावल वितरित कराया है। बताया जाता है कि इसकी जानकारी केंद्रीय खाद्य मंत्री राम विलास पासवन तक पहुंचा दी। पासवन ने पूरे मामले की पड़ताल शुरू करा दी है। चेकिंग स्क्वायड में आए एफसीआई अफसरों ने बरेली स्थित परसाखेडा, बहेड़ी और भुता आदि गोदामों में भंडारित चावल देखा और नमूने भरे। बताया जाता है कि चेकिंग दल को बोरों के लाट के बीच भारी मात्रा में चावल खराब मिला। इसकी जानकारी मिलते ही विभागीय अफसर मनमाफिक रिपोर्ट लगवाने के लिए परिक्रमा करने लगे।