बहजुइया जागीर गांव के इमामबाड़े में निर्माण कार्य कराने और नमाज पढ़ने को लेकर दो समुदाय के लोग आमने-सामने आ गए। सूचना पर पुलिस और पीएसी के जवानों ने गांव पहुंचकर स्थिति को संभाला। एहतियातन गांव में पीएसी तैनात कर दी गई है। दो जुलाई को गांव में पुलिस-प्रशासन के अधिकारियों के साथ दोनों समुदायों को लोगों की बैठक में विवाद को सुलझाने की कोशिश की जाएगी। पुलिस ने प्रधान पति नूर मोहम्मद समेत नौ लोगों को पांच-पांच लाख रुपये के मुचलकों से पाबंद कर दिया है।
थाना सीबीगंज के बहजुइया जागीर गांव में इमामबाड़ा है। रमजान का महीने शुरू होने के बाद से ही इमामबाड़े में चहल-पहल बढ़ गई। इसी को लेकर गांव में तनाव बना हुआ है। एक समुदाय के लोगों का कहना है कि इमामबाड़े में मस्जिद का निर्माण कराकर नमाज पढ़ी जा रही है पहले वहां कभी नमाज नहीं पढ़ी जाती थी। जबकि दूसरे समुदाय के लोगों का कहना है कि हम सालों से इमामबाड़े में नमाज पढ़ते आ रहे हैं। इमामबाड़े का फर्श टूट गया था, उसे सही कराया जा रहा था। इसे लेकर किसी ने अफवाह उड़ा दी कि मस्जिद का निर्माण हो रहा है। शुक्रवार को इमामबाड़े में नमाज के लिए लोग इकट्ठा हुए तो दोनों समुदाय के लोग आमने-सामने आ गए। घटना की सूचना मिलते ही इंस्पेक्टर देवेंद्र सिंह पुलिस और पीएसी लेकर गांव पहुंचे और फ्लैग मार्च किया। उन्होंने दोनों पक्षों को बुलाकर चेतावनी दी गई। उन्होंने दो टूक कहा कि इमामबाडे़ में नमाज नहीं होगी। दो जुलाई तक यथास्थिति बनी रहेगी। इंस्पेक्टर ने बताया कि गांव का माहौल किसी भी हाल में खराब नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने दोनों पक्षों के 124 लोगों को दो-दो लाख के मुचलकों में पाबंद करा दिया है। प्रधान पति नूर मोहम्मद, सादिक, मोहम्मद मुनब्बर, नत्थू, पुत्तन और सन्ने समेत नौ लोगों को पांच-पांच लाख रुपये के मुचलकों में पाबंद किया है। अफवाह फैलाने वालों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा।