जंक्शन पर मां की गोद में सो रही एक साल की बच्ची को तांत्रिक चुपके से उठा ले गया और उसे खंडहर में छिपा दिया। बच्ची को ले जाते समय स्टेशन पर घूमने वाले मूकबधिर ने तांत्रिक को देख लिया। नींद खुलने पर मां ने बच्ची को गायब देख शोर मचाया तो बच्चा चोरी की घटना से जंक्शन पर खलबली मच गई। मूकबधिर ने ये देख महिला और उसके आसपास के लोगों को बच्ची उठाकर ले जाने वाले का हुलिया बताया। इस पर पब्लिक ने उसे जंक्शन के बाहर से पकड़कर हाथ पैर बांधकर निवस्त्रकर पीटा। जीआरपी ने तांत्रिक की निशानदेही पर खंडहर से बच्ची को बरामद कर लिया, लेकिन बाबा के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की और उसे छोड़ दिया ।
आंवला के बजरिया मोहल्ले का रहने वाला जावेद बरेली में रिक्शा चलाता है। उसकी पत्नी सिम्मी भी दो दिन पहले अपनी एक साल की बच्ची उमेरा को लेकर जावेद के पास आ गई और वह मजदूरी के लिए दिल्ली जाने की तैयारी कर रहे थे। चूंकि यहां रहने की कोई व्यवस्था नहीं थी, इसलिए जावेद तो रिक्शा चलाने शहर में आ गया, जबकि सिम्मी अपनी एक साल की बच्ची उमेरा के साथ जंक्शन के प्लेटफार्म नंबर चार पर पुल के नीचे सोकर रात गुजारने लगी। रविवार रात तीन बजे सिम्मी सो रही थी और पास में ही उसकी बेटी सोई थी। इसी दौरान तांत्रिक बच्ची उमेरा को उठा ले गया। सोमवार सुबह नींद टूटने पर सिम्मी ने बच्ची को गायब देख शोर मचाया। सिम्मी आरपीएफ और जीआरपी थाने पहुंची, लेकिन उसकी सुनवाई नहीं हुई। इस पर वह प्लेटफार्म पर रोने लगी। ये देख भीड़ लग गई। इसी दौरान स्टेशन पर भटकने वाले मूक वधिर युवक ने सिम्मी और लोगों को इशारों में बताया कि उसने एक बाबा को बच्ची ले जाते देखा था। उसने हुलिया बताया। उसके बताए हुलिये के आधार पर जीआरपी ने तलाश शुरू की तो जंक्शन के बाहर कचहरी तिराहे पर तांत्रिक मिल गया। सख्ती से पूछताछ करने पर वह स्टेशन के पास सुभाषनगर की तरफ एनईआर के खंडहर पड़े टिकट काउंटर भवन की ओर ले गया। वहीं बच्ची रोते हुए मिली। जीआरपी ने बच्ची को उसकी मां के हवाले कर दिया और तांत्रिक को छोड़ दिया। ये देख पब्लिक ने तांत्रिक का हाथ पैर बांधकर जमकर पीटा। पिटाई के दौरान आरोपी ने अपना नाम श्रीकांत निवासी गांव नदरी थाना मोहम्मदी (लखीमपुर खीरी) बताया। पांच घंटे तक जंक्शन पर हंगामा चलता रहा।
जिम्मेदारों के यह गैर जिम्मेदाराना बयान
बाबा की निशानदेही पर बच्ची को बरामद कर उसकी मां को सौंप दिया गया। कोई लिखित तहरीर नहीं दी और न ही घटना जीआरपी थाना क्षेत्र में हुई। इसलिए बाबा को छोड़ दिया गया, अब वह कहां गया पता नहीं।
- चंद्रशेखर गुप्ता, इंस्पेक्टर जीआरपी
00
मामला जीआरपी क्षेत्र का नहीं है। घटना सिविल इलाके की कोतवाली क्षेत्र में होना बताया गया है।
- डॉ.तेजवीर सिंह, सीओ जीआरपी
00
घटना प्लेटफार्म नंबर चार पर पुल के नीचे हुई है, जो जीआरपी, आरपीएफ क्षेत्र में आता है। पब्लिक बाबा को जीआरपी थाने में भी पकड़कर ले गई। वहां उसके खिलाफ क्यों कार्रवाई नहीं की गई ये वही बता सकते हैं।
- गिरीश चंद्र जोशी, चौकी इंचार्ज जंक्शन चौकी (कोतवाली)