चकमहमूद में मंदिर के सामने स्थित मकान के दरवाजे के पास तहेरी बनाने पर बुधवार को दो पक्षों में तनाव हो गया। दोनों पक्षों के लोगों के जमा होने पर हंगामा होने लगा। एक पक्ष की महिलाएं थाने पहुंच गईं। पुलिस ने बर्तन घर के अंदर रखवाए तभी मामला शांत हो पाया।
बारादरी इलाके के चकमहमूद निवासी डॉ. कफील के मकान और सामने स्थित शिव मंदिर के बीच से सड़क गुजर रही है। ईंट पजाया चौराहे पर स्थित दरगाह में चल रहे उर्स में बांटने के लिए डॉ. कफील बुधवार दोपहर 12 बजे अपने दरवाजे पर आलू मिक्स पीले चावल (तहेरी) बनवा रहे थे। आसपास के दूसरे समुदाय की महिलाओं ने मंदिर के सामने सड़क किनारे इस प्रकार के भोजन बनाने पर ऐतराज किया और चावल में मीट डालने का आरोप लगाया। इस दौरान मौके पर भीड़ जमा हो गई। कुछ महिलाएं शिकायत लेकर थाने पहुंच गईं। मौके पर पुलिस पहुंची ने बर्तन चेक किए तो तहेरी बनती पाई गई। पुलिस ने चावल का बर्तन डॉ. कफील के घर के अंदर रखवा दिया और चूल्हे की आग बुझवा दी। इस पर लोग शांत हो गए।
मुझे धमकी दी गई
चकमहमूद की रानी ने बताया कि चावल में मीट डालने की तैयारी की जा रही थी मगर उनके विरोध के कारण ऐसा नहीं हो सका। रानी का यह भी आरोप है कि चावल पकाने वालों ने उसे धमकी दी थी इसके बाद वह मोहल्ले की महिलाओं के साथ थाने पहुंची और पुलिस को लेकर आई।
कुछ लोग सांप्रदायिक का रूप देना चाहते हैं
डॉ. कफील का कहना है कि वह कई साल से रमजान से दो दिन पहले अपने दरवाजे पर आलू डालकर चावल पकाते हैं। ये चावल ईंट पजाया चौराहे पर स्थित दरगाह पर ले जाकर बांटते हैं। अभी तक किसी ने विरोध नहीं किया था और अब कुछ लोग खुराफात कर रहे हैं और उन्हीं ने बिना वजह मामले को तूल देना चाहा। उनके मोहल्ले में सभी लोग प्रेमभाव से रहते हैं।
कोट
कुछ लोगों को गलतफहमी हो गई थी। बर्तन का ढक्कन खोलकर सबको दिखाया गया। आलू मिक्स चावल बन रहे थे। इसके बाद सभी शांत हो गए। चावल का बर्तन अंदर रखवा दिया गया। अब कोई विवाद नहीं है।
- तेजवीर सिंह, कांकर टोला चौकी इंचार्ज