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सरियार कारोबारी के पुराने ड्राइवर समेत छह गिरफ्तार

Mon, 08 Jun 2015 01:42 AM IST
बरेली
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 सरिया कारोबारी रोहित गुप्ता के चालक धर्मवीर से गांधीनगर रेलवे क्रासिंग पर हुई 21.55 लाख रुपये की लूट का खुलासा हो गया। इस घटना का सूत्रधार कारोबारी का पूर्व चालक मोहम्मद अहमद उर्फ मुन्ना ही निकला। पुलिस ने मुन्ना समेत छह लोगों को गिरफ्तार कर उनके पास से 8 लाख तीस हजार रुपये और असलहे बरामद किए हैं। लूट में शामिल तीन लुटेरे मेरठ के हैं जो फरार हैं। तीनों की तलाश में पुलिस टीम मेरठ भेजी गई है।
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थाना प्रेमनगर के मोहल्ला जनकपुरी निवासी सरिया कारोबारी रोहित गुप्ता की कार का पीछा करके बाइकों पर सवार लुटेरों ने कार का शीशा तोड़कर 21.55 लाख रुपयों से भरा बैग लूट लिया था। गांधीनगर रेलवे क्रासिंग के पास हुई इस सनसनीखेज वारदात से पुलिस के आला अफसरों में सनसनी फैल गई थी। पुलिस के आला अफसरों से कारोबारी ने मौके पर ही अपने पूर्व चालक  मोहम्मद अहमद उर्फ मुन्ना पर शक जाहिर किया था। इसी आधार पर टीमों ने काम करना शुरू कर दिया। कॉल डिटेल खंगालने के बाद मुन्ना के सामने रखकर कड़ाई से पूछताछ की गई तो वह टूट गया। इसके बाद उसने पूरी कहानी खोल दी। एसएसपी धर्मवीर यादव ने बताया कि चालक से लूटपाट करने आसपाल उर्फ नन्हें पुत्र मुन्ना लाल प्रजापति निवासी ग्राम जोखनपुरा, थाना बहेड़ी(वर्तमान दुर्गानगर में रोहिल खंड कोचिंग सेंटर के पास रह रहा था), राशिद पुत्र मोहम्मद सईद निवासी 108, बुखारपुरा, पुराना शहर, मोहम्मद नबी उर्फ गुड्डू पुत्र मोहम्मद मियां निवासी जोगीनवादा शामिल रहे। घटना की योजना बनाने के आरोप में कारोबारी के पूर्व चालक मोहम्मद अहमद उर्फ मुन्ना पुत्र स्वर्गीय सलीम खां निवासी रजा चौक, आशीष शर्मा पुत्र हरस्वरूप शर्मा निवासी चाहवई, सचिन पुत्र राजेंद्र सिंह निवासी सुर्खा बानखाना, थाना प्रेमनगर को गिरफ्तार किया गया है। लूट की योजना बनने पर राशिद ने मेरठ से यासीन मास्टर, उसका भतीजा बाबू और असद को बुलाया था। पुलिस टीम उन तीनों की गिरफ्तारी के लिए मेरठ रवाना कर दी गई है।

इस तरह बनी लूट की योजना
-पुलिस के मुताबिक कारोबारी के पूर्व चालक मोहम्मद मुन्ना और सचिन में दोस्ती थी। नौकरी से निकालने पर मुन्ना के लिए सचिन कारोबारी से भिड़ गया था। मुन्ना ने सचिन को कारोबारी की मोटी रकम के आने-जाने के बारे में बताया तो सचिन ने अपने दोस्त आशीष शर्मा को इसकी जानकारी दी। आशीष इन दिनों किला इलाके में एक साड़ी की दुकान पर नौकरी कर रहा था। लेकि न बेहद महत्वाकांक्षी है। हत्या और धोखाधड़ी में जेल जाने के बाद उसे आजीवन कारावास हो चुका है। इन दिनों वह पैरोल पर छूटा हुआ था। आशीष से जेल में आसपाल से दोस्ती हो गई थी। आसपाल ने मोटा काम होने की सूचना पर राशिद और मोहम्मद नबी को अपने साथ ले लिया। राशिद ने मेरठ से यासीन, बाबू और असद को बुलाया। घटना के एक दिन पहले राशिद के जरी कारखाने में सभी ने इकट्ठे होकर प्लानिंग की। घटना के दिन पहले से ही योजना के मुताबिक तीन बाइकों पर सवार होकर छह लोग घटना को अंजाम देने पहुंच गए।
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राशिद के कारखाने में बांटी गई रकम
-पुलिस के मुताबिक राशिद के कारखाने में ही लूटी गई रकम का बंटवारा हुआ। घटना की योजना बनाने वाले आशीष, सचिन और मुन्ना को तीन लाख रुपये देने के लिए राशिद ने अपने पास रख लिए थे। आसपाल, राशिद और मोहम्मद नबी को तीन-तीन लाख रुपये मिले। बाकी मेरठ के तीनों लुटेरे ले गए। आसपाल से डेढ़ लाख रुपये ही पुलिस को मिल पाए, बाकी उसने खर्च लिए। बारह बोर का एक तमंचा चार कारतूस और एक अपाचे बाइक उसके पास से मिली है। राशिद के पास से पुलिस ने चार लाख 70 हजार रुपये, 315 बोर का तमंचा, चार कारतूस और एक बाइक मिली है। इसी तरह से मोहम्मद नबी के पास से दो लाख 10 हजार रुपये की नगदी, एक 315 बोर का तमंचा, तीन कारतूस बरामद हुआ है।   

टीम को मिलेगा दस हजार का इनाम
कारोबारी से हुई लूट की घटना का खुलासा करने वाली टीम को एसएसपी ने दस हजार रुपये का इनाम देने की घोषणा की है। टीम में प्रभारी निरीक्षक देवेश सिंह, एसएसआई, सुरेंद्र सिंह, एसआई ओमहरि वाजपेई, रामवीर सिंह, देवेंद्र सिंह, गौरव विश्नोई के अलावा क्राइम ब्रांच के एसआई विकास सक्सेना, हरीश राजपूत के अलावा सिपाही अंकुल, हशमत अली, मोबीन, और रामेंद्र शामिल थे। एसपी सिटी राजीव मल्होत्रा और एसपी क्राइम एसपी सिंह की मानीटरिंग में सीओ सिटी मुकुल द्विवेदी के निर्देशन में टीम को कामयाबी मिली है। 
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