डॉक्टर की कार का शीशा तोड़कर ब्रीफकेस उड़ाने की कोशिश में मोबाइल शोरूम का ड्राइवर फंस गया। डॉक्टर की ओर से मुकदमा दर्ज कर पुलिस ने उसे जेल भेज दिया। इससे पहले उसने अपने ही शोरूम के दो स्वीपरों को वारदात में शामिल बताकर फंसाने की कोशिश की पर पुलिस ने हकीकत जानने के बाद उन्हें छोड़ दिया।
बुधवार रात अय्यूब खां चौराहे के नोकिया शोरूम के सामने डॉ. सोमेश मेहरोत्रा की कार पर मोबिल आयल डालकर और शीशा तोड़कर इसमें रखा ब्रीफकेस उड़ाने की कोशिश की गई। तब डॉक्टर की सूचना पर पुलिस ने शोरूम मालिक के ड्राइवर नेकपुर निवासी रंजीत को गिरफ्तार कर लिया। पहले तो रंजीत खुद को बेगुनाह बताता रहा। पुलिस ने रंजीत पर सख्ती की तो उसने बताया कि शोरूम के ही दो स्वीपर भी उसके साथ घटना में शामिल थे। उसने जिनके नाम बताये, पुलिस ने उन्हें बुलवा लिया। पूछताछ के साथ ही उनका रिकार्ड निकलवाया तो पता लगा कि रंजीत जानबूझकर उन्हें फंसा रहा है। पुलिस ने उन्हें छोड़ दिया। कोतवाल सदर सुधीरपाल धामा ने बताया कि रंजीत के दो अन्य साथियों के नाम प्रकाश में आए हैं, इनकी तलाश की जा रही है। उन्होंने बताया कि रंजीत पहले टेंपो ड्राइवर था। उस पर एक्सीडेंट का एक केस चल रहा है पर आपराधिक मामला कोई दर्ज नहीं है। कोतवाल ने बताया कि कोतवाली पुलिस की एक टीम शाम के वक्त सादा कपड़ों में मार्केट में घूमेगी और टप्पेबाजों पर शिकंजा कसेगी। बृहस्पतिवार से ही टीम का मूवमेंट शुरू हो जाएगा।