सहोड़ा गांव के पास बैंक ऑफ बड़ौदा की जिस शाखा की सुरक्षा के लिए पुलिस पिकेट लगी हुई थी, लुटेरे उसी बैंक शाखा में लगा एटीएम उखाड़ ले गए। पिकेट ड्यूटी पर तैनात सिपाही और होमगार्ड दस कदम दूर एक कमरे की छत पर आराम से सोते रहे। सुबह सिक्योरिटी गार्ड की सूचना पर पहुंचे बैंक मैनेजर ने सूचना दी तो थाने की पुलिस के साथ सीओ बहेड़ी और जिला मुख्यालय से उच्चाधिकारी मौके पर पहुंचे। फील्ड यूनिट बुलाकर घटनास्थल से साक्ष्य इकट्ठे कराए गए। आसपास के इलाकों में कांबिंग कराई गई लेकिन लुटेरों का कोई सुराग नहीं मिला। एसएसपी ने पिकेट ड्यूटी पर तैनात सिपाही उपेंद्र सिंह को निलंबित कर दिया है। होमगार्ड के खिलाफ कार्रवाई के लिए उसके कमांडेंट को लिखा गया है। एसएसपी ने बताया कि वारदात के खुलासे के लिए टीमें बना दी गई हैं। बताया जा रहा है कि एटीएम में करीब 15.56 लाख रुपये कैश था।
गांव सहोड़ा के पास शीशगढ़-धनेटा मार्ग से सटी बैंक ऑफ बड़ौदा की शाखा है। शाखा की बगल में ही बैंक का एटीएम लगा है। एटीएम पर दो शिफ्टों में दो गार्डों की ड्यूटी रहती है। इनमें सहोड़ा गांव का गार्ड नरेश पाल सुबह छह से दोपहर दो बजे तक और दीपक दोपहर दो से रात 10 बजे तक ड्यूटी पर रहता है। गार्ड दीपक के मुताबिक वह मंगलवार रात ड्यूटी खत्म होने के बाद एटीएम के शटर में ताला लगाकर चला गया था। बुधवार सुबह जब नरेश पाल डयूटी पर आया तो शटर खुला मिला। अंदर लगा एटीएम गायब था। यह देखकर नरेश ने तुरंत बैंक मैनेजर विशाल भार्गव को फोन पर सूचना दी। मैनेजर की सूचना पर पुलिस बल के साथ पहुंचे थानाध्यक्ष बच्चू सिंह ने आसपास के जंगलों मे छानबीन की लेकिन कहीं कोई सुराग नहीं मिला। इस बीच सीओ बहेड़ी प्रमोद यादव, एसपी क्राइम, एसपीआरए और एसओजी भी मौके पर पहुंच गई। फील्ड यूनिट ने भी घटनास्थल पर छानबीन की।
पुलिस ने बैंक मैनेजर की तहरीर पर मुक दमा लिख लिया है। एटीएम में कितनी रकम थी यह जिक्र तहरीर में नहीं किया गया है। हालांकि बताया यह जा रहा है कि एटीएम को 25 मई को शाम चार बजे लोड किया गया था, जिसमें से उसमें 15.56 लाख कैश बचा था। सीओ बहेड़ी प्रमोद कुमार यादव ने बताया कि घटना में चार पहिया वाहन का प्रयोग किया है। वाहन के टायरों के निशान से अंदाजा लग रहा है कि उसे लादने के लिये वाहन को आगे पीछे भी हटाया गया है। घटना में चार-पांच लोग शामिल होे सकते हैं।