शाही थाने के गांव पंथरा में शनिवार शाम मेड़ विवाद के बाद हुए खूनी संघर्ष में एक किसान को फावड़े से काट डाला। हमलावरों में से शामिल एक किसान भी इस घटना में लहूलुहान हो गया। देर रात मौके पर पुलिस पहुंची तो शव का पंचनामा भरवाया, आरोपी फरार हो गए हैं।
रामदयाल और भोलानाथ के खेत आपस में मिले हुए हैं। शाम छह बजे इन दोनों में मेड़ काटने के पीछे झगड़ा हो गया। दोनों ही एकदूसरे पर मेड़ काटने का आरोप लगा रहे थे। झगड़ा बढ़ा तो दोनों के बेटे भी शामिल हो गए। वहां कुछ लोगों ने समझाकर इन्हें गांव भेज दिया। बताते हैं कि भोलानाथ पक्ष गांव आकर फिर रामदयाल को ललकारने लगा। फिर दोनों गुटों में फावड़े, कुल्हाड़ी और लाठियों से झगड़ा शुरू हो गया। एक फावड़ा बुजुर्ग रामदयाल की गर्दन में लगा। गर्दन और सिर पर ताबड़तोड़ वार से रामदयाल की मौके पर ही मौत हो गई। रामदयाल का बेटा बिहारीलाल, पोते महेंद्रपाल, कोमिल प्रकाश भी बुरी तरह घायल हो गए। हमलावर भोलानाथ को भी फावड़े लगे और वह वहीं गिर पड़ा। घटना से गांव में अफरातफरी मच गई। सूचना पर शाही थाने से एसओ जसवीर सिंह फोर्स लेकर पहुंचे। उन्होंने भोलानाथ को एंबुलेंस से जिला अस्पताल भिजवाया। भोला पक्ष के बाकी लोग फरार हो गए, वे घरों पर भी न मिले। थाने आकर बिहारीलाल ने भोलानाथ और उसके तीन बेटों के खिलाफ हत्या, जानलेवा हमले की रिपोर्ट दर्ज कराई। आरोपी पक्ष की महिलाओं का कहना था कि भोला के बेटे तिलकराम और रुकुमपाल भी घायल हुए हैं। हालांकि एसओ ने इससे इंकार किया। एसओ ने बताया कि आरोपियों की तलाश की जा रही है।
वर्जन
आरोपियों में कोई पुराना झगड़ा नहीं था। मेड़ के विवाद में ही बात खूनखराबे तक आ गई। जल्द ही आरोपियों की गिरफ्तारी कर ली जाएगी। - कालू सिंह, सीओ मीरगंज