फर्जी आईएएस बनकर डीआईजी आफिस में फोनकर धमकाने वाले खुराफाती को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। सतेंद्र प्रकाश चतुर्वेदी नाम का यह युवक खुद को प्रधानमंत्री कार्यालय में तैनात आईएएस अधिकारी राजेश कुमार बता रहा था। कोतवाली पुलिस उससे पूछताछ कर रही है।
बृहस्पतिवार को डीआईजी ऑफिस के बेसिक फोन पर सतेंद्र कुमार ने कॉल की। टेलीफोन ड्यूटी सिपाही मुकीम खां ने जैसे ही फोन उठाया, उसने कहा कि मैं प्रधानमंत्री कार्यालय से आईएएस अधिकारी राजेश कुमार बोल रहा हूं। केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी मामले में डीआईजी के स्तर के क्या कार्रवाई की गई बताओ। सिपाही ने जानकारी होने से इनकार किया तो उसने हड़काना शुरू कर दिया। कहने लगा कि किसी अधिकारी से बात कराओ, वरना वर्दी उतरवा दूंगा। सिपाही ने घबराकर फोन रख दिया और पीआरओ रवींद्र कुमार सिंह को बुला लाया। रिसीवर रखते ही फिर से सतेंद्र कुमार का फोन आ गया। पीआरओ के हैलो कहते ही सतेंद्र ने उन्हें भी हड़काना शुरू कर दिया। कहने लगे कि मेनका गांधी प्रकरण में बताओ क्या कार्रवाई हुई है। उन्होंने साहब से बात करने को कहा तो और भड़क गया। पीआरओ ने मामले की जानकारी डीआईजी को दी तो उन्होंने कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक सुधीर पाल धामा को लगा दिया। उन्होंने छानबीन की तो मालूम हुआ कि सतेंद्र कुमार ने दो मोबाइल नंबरों से फोन किए हैं। उन्हीं मोबाइल नंबरों से सतेंद्र ट्रेस हो गया। कोतवाली में आरोपी के खिलाफ पीआरओ की तरफ से आईपीसी की धारा 170,419,420 और 501 के तहत मुकदमा लिखकर हवालात में डाल दिया है। सीओ सिटी मुकुल द्विवेदी ने बताया कि सतेंद्र कुमार पीलीभीत कोतवाली इलाके के 96, डोरी लाल इलाके का रहने वाला है। इससे पहले पुलिस ने 24 जनवरी 2015 को वह उत्तर प्रदेश से मुख्यमंत्री के सेक्रेटरी आमोद कुमार बनकर कविनगर, गाजियाबाद के एसडीएम के स्टेनो को धमकाने के आरोप में जेल भेजा था।