बानखाना में मामूली बात पर हुए बवाल को नेताओं ने सियासी रंग देना शुरू कर दिया है। बुधवार को बानखाना में पीएसी तैनात रही और माहौल शांत था। भाजपा के नगर विधायक अरुण कुमार सिंह की अगुवाई में एक पक्ष के लोगों ने आईजी, डीआईजी से मिलकर खुराफात करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। उधर आल इंडिया रजा एक्शन कमेटी युवा के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना अदनान रजा खां ने दूसरे पक्ष के लोगों के साथ आईजी से मिलकर उनकी तहरीर दिलाई और उनको निर्दोष बताते हुए परेशान न करने की मांग की है। दोनों ही आला अफसरों ने खुराफात करने वालों को चिहिन्त कराकर कार्रवाई कराने को कहा है।
सोमवार की सुबह बानखाना चौराहे के पास कमल प्रजापति की दुकान पर पान मसाले को लेकर पड़ौसी फैजान से मारपीट हो गई थी। थोड़ी देर में पड़ोसियों की इस मारपीट की घटना को मोहल्ले के खुराफातियों ने धार्मिक रंग देकर बवाल खड़ा कर दिया था। इस मामले में दुकानदार की ओर से 35 लोगों के खिलाफ मुकदमा लिखा गया है। जिसमें बीस लोगों को नामजद किया गया । लेकिन पुलिस ने अभी तक किसी की गिरफ्तारी नहीं की है।
शहर विधायक की अगुवाई में भाजपा जिलाध्यक्ष राजकुमार शर्मा, महानगर अध्यक्ष पुष्पेंदु शर्मा, पूर्व मंत्री बहोरन लाल मौर्य ने आईजी, डीआईजी से मिलकर कहा कि पिछले कई सालों से पर्वों के मौके पर छोटी-छोटी बातों को धार्मिक रंग देकर माहौल खराब करने की कोशिश की जाती है। बानखाना में मिश्रित और घनी आबादी है । सन 2010 से यह इलाका अति संवेदनशील हो गया है। छोटी-छोटी बातों को लेकर यहां होने वाले विवाद बढ़ने से पूरे शहर में अमन खराब होती है। 1990 में एक मीनार की मस्जिद के पास नगर निगम की भूमि पर पुलिस चौकी बनी थी, लेकिन बाद में चौकी को बंद कर दिया गया। बानखाना में पुलिस चौकी खोली जानी चाहिए। बवाल करने के आरोपियों की गिरफ्तारी की जाए।
दूसरी तरफ आरएसी युवा के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना अदनान रजा कादरी ने आईजी से मुलाकात करके प्रेमनगर पुलिस पर एकतरफा कार्रवाई करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि बानखाना में फिरकापरस्त ताकतें छोटी-छोटी बातों को धार्मिंक रंग देने की कोशिश करती हैं। दो लोगों की मारपीट को बिना वजह इतना तूल दे दिया गया। दोषियों के खिलाफ कार्रवाई हो, लेकिन निर्दोषों को परेशान नहीं किया जाए। इस मौके पर उस्मान रजा खां, हाफिज इमरान रजा, हाफिज सलीम रजा, ताज खां, रेहाना खां, इंजीनियर अनीस, आसिफ रजा, सैयद रिजवान, नियामत हुसैन आदि मौजूद रहे।
आबादी का अंतर भी है झगड़े की वजह
-मीरा की पैंठ और बानखाना में एक पक्ष के लोगों की तादाद कम होना भी झगड़े की वजह रही है। बानखाना में जिस जगह पर विवाद हुआ, वहां कमल के परिवार के पांच घर हैं। फैजान का घर भी कमल के चाचा के परिवार के सटा हुआ है। कमल और उसके परिवार के लोगों के मकान पर कुछ भूमाफियाओं की नजर है। वह चाहते हैं कि बवाल होने से किसी तरह यह पांचों परिवार पलायन कर जाएं तो उनका काम बन जाए। खुफिया रिपोर्ट का भी यही इनपुट है। कमल के परिवार के मकानों पर नजर रखने वाले लोग ही युवाओं को उकसाकर मामूली विवादों को धार्मिक रंग देने की कोशिश करते हैं। मीरा की पैंठ में यही हाल है, वहां भी एक समुदाय के चंद परिवार एक बाउंड्री में रहते हैं। दूसरे समुदाय के किसी व्यक्ति से विवाद हो जाए तो हालात और ज्यादा बिगड़ जाते हैं।
हमारा भी मुकदमा लिखाओ
राजू की पत्नी तारा ने आईजी को तहरीर देकर कहा कि उसके हरीश के खोखे पर पान मसाला लेने गए थे। हरीश से कहासुनी हो जाने पर मारपीट हो गई। इसके बाद हरीश उसका भाई कमल आदि घर में घुस आए। उन्होंने लूटपाट की और घर में आग लगाने की कोशिश की है। जान से मारने की नियत से फायर भी किए हैं। राजू के सिर पर हमला किया गया है। उनकी जेब से दस हजार रुपये भी निकाल लिए गए। घरों पर ईंट-पत्थर फेंके गए। हमारा भी तो मुकदमा लिखा दो। आईजी ने मामले की जांच कराकर कार्रवाई कराने को कहा है।