मुआवजे के चेक वितरण को लेकर तहसील दिवस के दौरान कानूनगो और सपा नेता के बीच जमकर गाली गलौज और धक्का-मुक्की हुई। सपा नेता पर मुआवजे के लाभार्थियों की सूची फाड़ने की कोशिश करने का आरोप है। पता लगने पर एसडीएम ने दोनों को बैठाकर समझौता करा दिया।
मंगलवार को तहसील दिवस के दौरान एसडीएम कुंवर पंकज और अन्य अधिकारी लोगों की शिकायतें सुन रहे थे। पूर्वाह्न करीब 11 बजे सपा का एक नेता अपने कई साथियों समेत तहसील में पहली मंजिल पर बने कानूनगो कक्ष में पहुंचा और किसानों के फसल मुआवजे के चेक चार दिन से लटकाए रखने का आरोप लगाकर कानूनगो से सवाल जवाब करने लगा। कानूनगो के विरोध करने पर दोनों के बीच गालीगलौज और धक्का-मुक्की होने लगी। कानूनगो का आरोप है कि सपा नेता ने लाभार्थियों की सूची छीनकर फाड़ने की कोशिश की। शोर सुनकर मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। पता लगने पर एसडीएम ने दोनों को अपने पास बुलाया और कुछ देर समझाने के बाद सुलह करा दी।
सपा नेता के मुताबिक उसके गांव के लाभार्थियों के मुआवजे के चेक चार दिनों से कानूनगो अपने पास रखे हैं। आरोप है कि चेक देने के बदले कानूनगो, लेखपाल किसानों से रिश्वत मांग रहे थे। उसने रिश्वत मांगने का विरोध किया तो उस पर अपना चेक मांगने का आरोप कानूनगो ने लगा दिया। उधर, कानूनगो का कहना था कि सपा नेता सत्ता की हनक दिखाकर अपना चेक मांग रहा था। मना करने पर गालीगलौज और हाथापाई पर उतर आया। लाभार्थियों से रिश्वत मांगने का आरोप निराधार है।