पशु तस्करी के आरोप में राशिद नाम के जिस ड्राइवर को पुलिस जेल में बंद मान रही थी हकीकत में वह तो राजू है। राशिद के नाम से अदालत में पेश होकर जेल जाने वाला जाटवपुरा का राजू चोर है जिसकी चोरी के एक मामले में प्रेमनगर पुलिस तलाश कर रही थी। पशु तस्करों के इस खेल ने प्रेमनगर पुलिस को चकराकर रख दिया। खुलासा तब हुआ जब राजू के साथ चोरी करने वाले दूसरे चोर पकड़े गए। उन्हें साथ लेकर पुलिस ने जब राजू की तलाश की तो पता चला कि राजू राशिद की जगह जेल में बंद है और असली राशिद पहले की तरह पशु तस्करी का धंधा कर रहा है। कोर्ट ने विवेचक का दावा स्वीकार कर राजू को चोरी के मामले में तलब किया है।
प्रेमनगर के मारवाड़ी गंज में आठ मार्च की रात को नरेंद्र कुमार निहलानी के यहां ढाई लाख रुपये की चोरी हो गई थी। इस घटना की छानबीन करते हुए पुलिस ने 11 मार्च को जाटवपुरा में रहने वाले चंदन, सूर्या और गुड्डू नाम के तीन युवकों को गिरफ्तार करके चोरी के आरोप में जेल भेज दिया था। तीनों के पास से चोरी का माल भी बरामद हुआ। इन तीनों ने पुलिस की पूछताछ में अपने चौथे साथी का नाम राजू बताया। विवेचक रामवीर सिंह उसकी तलाश करने मोहल्ले में पहुंचे तो मालूम हुआ कि वह जेल में है।
इसके बाद और छानबीन की गई तो मालूम हुआ कि राजू को पशु तस्करों ने मीरगंज के एक मुकदमे में नई बस्ती नवाबगंज के रहने वाले राशिद के नाम से कोर्ट में सरेंडर करा दिया जहां से उसे जेल भेज दिया गया। राशिद हुसैन उस ट्रक का चालक था जिसमें गौवंशीय पशु पकड़े गए थे। 25 मार्च को जेल गए राजू को पशु तस्करों ने इसके लिए मोटी रकम दी थी। विवेचक ने वोटर लिस्ट निकलवाकर जेल में इसकी तस्दीक की। इसके बाद कोर्ट में इस संबंध में सुबूत पेश करके राजू को अपने चोरी के मुकदमे में तलब करने का आग्रह किया। कोर्ट ने राशिद के नाम से जेल गए युवक को राजू मानते हुए उसे चोरी के मुकदमे में तलब कर लिया। एसपी देहात के मुताबिक के मीरगंज में पशु तस्करी के मुकदमे में धोखाधड़ी के आरोप की धाराएं बढ़ाई जाएंगी। साथ ही राशिद की गिरफ्तारी होगी।