डीजीपी अरविंद कुमार जैन के बरेली पुलिस पर सवाल खड़े करने के बाद से एसएसपी धर्मवीर यादव का आपरेशन क्लीन जारी है। शुक्रवार की रात उन्होंने चेयरमैन सहला ताहिर के कहने पर एक ही दिन में 33 मुकदमे लिखने वाले इंस्पेक्टर जवाहर लाल यादव और नकटिया इलाके में रिटायर सीएमओ के घर 43 लाख रुपये की डकैती में फजीहत कराने वाले कैंट इंस्पेक्टर रामवीर सिंह यादव को हटा दिया। हटाए गए दोनों की इंस्पेक्टर 58 साल की उम्र पार कर चुके हैं। जिले में अभी और भी कई थानों में बदलाव होने के आसार हैं।
कैंट में मानव तस्करी रोकथाम इकाई में तैनात इंस्पेक्टर आरके धारीवाल की तैनाती हुई है। नवाबगंज का नया प्रभारी निरीक्षक डीसीआरबी प्रभारी इंस्पेक्टर रामकरन सिंह को बनाया गया है। शक्ति सिंह के निलंबित होने के बाद से ही शहर कोतवाल को लेकर कई नाम चल रहे थे। एसएसपी ने जनसूचना सेल के प्रभारी सुधीर पाल धामा को नया कोतवाल बनाया है। जिन इंस्पेक्टर को हटाया गया है उनके बारे में अभी तक फैसला नहीं हो पाया है। शनिवार को उनकी तैनाती नए स्थान पर होने की संभावना है।
सहला के इशारे पर करते रहे काम
इंस्पेक्टर जवाहर लाल पर नवाबगंज के चेयरमैन के इशारे पर काम करने का आरोप लगता रहा है। यह बात साबित भी उस समय हो गई थी, जब उन्होंने एक ही दिन में सहला ताहिर की तहरीरों पर 33 मुकदमे लिख दिए। किसी आला अफसर को बताना भी उन्होंने जरूरी नहीं समझा। पूछने पर कहने लगे कि कोतवाली का मालिक हूं। मुझे मुकदमा लिखने के लिए किसी की इजाजत की जरूरत नहीं थी। आला अफसरों के खिलाफ विवादित बयान देकर जवाहर लाल काफी सुर्खियों में रहे थे।
चौकी इंचार्ज का बचाव भारी पड़ा
इंस्पेक्टर कैंट रामवीर सिंह यादव बभिया और चौबारी के बदमाशों पर काबू नहीें कर पाए। हाइवे पर नकटिया में रिटायर सीएमओ के यहां डकैती होने की सूचना छिपाने वाले चौकी इंचार्ज को वह बचाने में लगे रहे। घटना के अगले दिन कप्तान खुद मौके पर पहुंचे तब भी चौकी इंचार्ज की तरफ से सफाई देने लगे। इसके अलावा डकैती में अभी तक वह कुछ नहीं कर पाए हैं।