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रेप की कोशिश, छेड़छाड़ में चालान

Wed, 22 Apr 2015 01:25 AM IST
बरेली
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होमगार्ड के घर में घुसकर नाबालिग बेटी से दुष्कर्म का प्रयास करने के आरोपी सिपाही के बेटे को बचाने के पुलिस ने बहुत जतन किए। जब किसी तरह से मामला मैनेज नहीं हुआ तो पुलिस ने मामला सिर्फ छेड़छाड़ का बताते हुए आरोपी का चालान कर दिया। न ही नाबालिग पीड़िता का मेडिकल परीक्षण कराया गया है और न ही आरोपी के खिलाफ पाक्सो एक्ट लगाया गया है।
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कैंट इलाके में रहने वाले होमगार्ड के घर में सोमवार दोपहर साढे़ तीन बजे सुभाषनगर के शांति विहार निवासी सिपाही सत्यप्रकाश का पुत्र पवन घुस आया था। इस दौरान होमगार्ड और उसकी पत्नी बाजार गए थे, जबकि उनके दोनों बेटे घर से बाहर थे। इसी दौरान पवन ने होमगार्ड की नाबालिग बेटी से दुष्कर्म की कोशिश की थी। किशोरी के कपड़े फाड़ दिए। इसी दौरान अचानक घर आए छोटे बेटे ने होमगार्ड को फोन पर जानकारी दी। होमगार्ड की सूचना पर पुलिस भी मौके पर पहुंच गई और पवन को पकड़ कर थाने ले आई। लड़की और उसकी मां आरोपी पर सख्त कार्रवाई की मांग करती रही, लेकिन पुलिस ने उनकी रिपोर्ट दर्ज नहीं की। मंगलवार को पुलिस ने पवन का छेड़छाड़ के आरोप में चालान कर दिया। लड़की की मां का कहना है कि चूंकि आरोपी सिपाही का बेटा है, इसलिए उसकी पुलिस अफसरों ने भी एक नहीं सुनीं। उसकी पीड़ित बेटी का न ही मेडिकल कराया गया और न ही मुकदमे में पाक्सो एक्ट लगाई गई। जबकि नाबालिग के साथ होने वाली घटनाओं में पाक्सो एक्ट लगता है। इसकी शिकायत उन्होंने एसएसपी से करते हुए कार्रवाई की मांग की है।
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तंग आकर आठ महीने पहले छोड़ दिया था शांति विहार
लड़की की मां ने बताया कि आठ महीने पहले वह परिवार समेत शांति विहार में रहते थे। उसकी पुत्री सातवीं में पढ़ती थी। तभी मोहल्ले का रहने वाला पवन उस पर गलत निगाह रखने लगा था और स्कूल आते जाते समय उसे तंग करता था। छात्रा ने स्कूल जाना बंद कर दिया था। जब ये बात उन्हें पता लगी तो उन्होंने मोहल्ला छोड़ दिया और कैंट इलाके में आकर रहने लगे थे। इसके बावजूद पवन ने उनकी पुत्री का पीछा नहीं छोड़ा और वह गलत इरादे से सोमवार को उनके घर में घुस आया।
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ये बताकर किया पुलिस ने पवन का बचाव
कैंट थाने के एसआई विशाल प्रताप का कहना है कि जब होमगार्ड का परिवार शांति विहार में रहता था, तब उसका पुत्र एक लड़की को अगवा कर ले गया था। लड़की वालों ने होमगार्ड के पुत्र के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने के साथ पवन का नाम भी लिखाया था। तब पवन ने लड़की बरामद कराई और होमगार्ड के लड़के के खिलाफ बयान किए थे। तब से होमगार्ड का परिवार उससे रंजिश मानने लगा था और इसी को लेकर उस पर दुष्कर्म के प्रयास का आरोप लगा दिया। एसआई ने बताया कि मामला पूरी तरह पेशबंदी का है। फिर भी आरोपी का छेड़छाड़ के आरोप में चालान कर दिया गया है। लड़की अगर नाबालिग है तो मेडिकल कराकर पाक्सो एक्ट भी लगाया जाएगा।
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