शीशगढ़ के पूर्व जिला पंचायत सदस्य की पत्नी की अचानक हुई मौत के बाद मिशन अस्पताल में खूब हंगामा हुआ। परिवार वालाें का आरोप था कि चिकित्सकाें ने गलत इंजेक्शन लगाया जिससे मरीज की मौत हो गई। मामला बढ़ता देख एसपी सिटी पुलिस फोर्स के साथ मौके पर पहुंच गए। किसी तरह समझा बुझाकर मामला शांत कराया गया। परिवार वाले बिना पोस्टमार्टम के शव अपने साथ ले गए। दूसरी तरफ अस्पताल प्रशासन ने गलत इंजेक्शन लगाने के आरोप को बेबुनियाद बताया है।
शीशगढ़ के पूर्व जिला पंचायत सदस्य बफाउर रहमान की 40 वर्षीय पत्नी नर्गिस बानो सोमवार को अस्पताल में अपराह्न तीन बजे अपने बेटे अजीम (21) के साथ इलाज कराने आई थीं। जानकारी के मुताबिक नर्गिस को माहवारी के दौरान ब्लड आने की दिक्कत थी। परिवार वालों का कहना है कि डॉ. अर्चना अग्रवाल ने बिना चेकअप किए ही नर्गिस को इंजेक्शन लगा दिया जबकि वह डायबिटीज और दिल की मरीज थी। बफाउर रहमान के भाई अब्दुल रहीम ने बताया कि इंजेक्शन लगाने के बाद नर्गिस की हालत बिगड़ी तो उसे आईसीयू में बिना किसी को बताए भर्ती कर दिया। शाम को छह बजे के बाद उसकी मौत की सूचना डॉक्टराें ने दी। नर्गिस की मौत पर परिवार वालों का गुस्सा बढ़ गया और उन्हाेंने अस्पताल में हंगामा शुरू कर दिया।
पुलिस फोर्स और वज्र वाहन भी पहुंचा
मामला पूर्व जिला पंचायत सदस्य से जुड़ा होने के चलते शीशगढ़ के चेयरमैन हाजी शाहिद गुड्डू व सलीक कासिब के साथ सपा कार्यकर्ता भी पहुंच गए। अस्पताल प्रशासन ने पुलिस को बुलवा लिया। एसपी सिटी राजीव मेहरोत्रा और आईएमए अध्यक्ष डॉ. रवि खन्ना भी पहुंच गए। पुलिस फोर्स के साथ वज्र वाहन भी मौके पर था। अस्पताल छावनी बन गया। एसपी सिटी ने शव का पोस्टमार्टम कराने को पूछा तो परिवार वालाें ने इसमें भी संदेह जताते हुए पीएम कराने से मना कर दिया। पंचनामा भरकर शव परिवार के लोग ले गए।
वर्जन--
‘नर्गिस दिल की मरीज थी और उनका पहले से किसी अन्य डॉक्टर से इलाज चल रहा था। उनको इंजेक्शन लगाया गया था लेकिन वह नार्मल इंजेक्शन था जो अमूमन मरीज को लगता ही है। मरीज के गंभीर होने पर उन्हें आईसीयू में भर्ती किया गया लेकिन कुछ समय बाद उनकी मौत हो गई। ’
अमिताभ द्रोण, उमेश गौतम के कार्यकारी सचिव