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दस घंटे इलाज के लिए तड़पी रेप पीड़ित बच्ची

Thu, 16 Apr 2015 01:21 AM IST
बरेली
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एक दृष्टि बाधित पिता और विकलांग मां की सात साल की बच्ची को पड़ोस के ही 14-15 साल के किशोर ने हवस का शिकार बना लिया। ये घटना तो परेशान करने वाली है ही, मामले में पुलिस का संवेदनहीन रवैया उससे भी ज्यादा परेशान करने वाला है। बच्ची से दुष्कर्म के दस घंटे बाद तक ये बच्ची इलाज के लिए तड़पती रही और उसके प्राइवेट पार्ट से खून बहता रहा। असहाय मां बाप इंसाफ पाने को गिड़गिड़ाते रहे और सपा नेता के दबाव में पुलिस आरोपी को बचाने में लगी रही। बमुश्किल शाम को रिपोर्ट दर्ज हो पाई और रात 10 बजे ये बच्ची जिला अस्पताल भेजी गई।
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घटना बुधवार दोपहर बारह बजे की है। गांव के दृष्टि बाधित पिता और विकलांग मां की सात साल की बेटी गांव के ही सरकारी स्कूल में तीसरी कक्षा में पढ़ती है। गरीब परिवार की ये बेटी दोपहर बारह बजे खेत से गेहूं की बालियां बीनकर लौट रही थी। इसी दौरान रास्ते में पुलिया के पास पीछे से इस बच्ची को पड़ोस के ही किशोर ने दबोच लिया। बच्ची ने बताया कि आरोपी उसका मुंह दबाकर झाड़ियों में खींचकर ले गया। वहीं उसने मासूम के साथ दुष्कर्म किया। उसके प्राइवेट पार्ट से खून बहने लगा। यह देख किशोर घबरा गया और बच्ची कोे वहीं छोड़कर भाग गया।
करीब आधा घंटे बाद बच्ची दर्द से तड़पती हुई घर पहुंची। उसके कपड़े खून से सने थे। मां ने ये देखा तो परिवार के अन्य सदस्यों को जानकारी दी। इसी दौरान दृष्टि बाधित पिता बच्ची को थाने लेकर पहुंचा तो पीछे से एक सपा नेता थाने पहुंच गया। पुलिस ने नेता की सिफारिश पर आरोपी को बचाने के लिए पीड़ित पक्ष पर समझौते का दबाव बनाना शुरू कर दिया। बाद में बच्ची की हालत बिगड़ती देख देर शाम पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज की और सिसकती बच्ची को रात 10 बजे इलाज के लिए जिला अस्पताल लाया गया। सब जाने पहचाने के होने के बावजूद पुलिस ने आरोपी को फरार बता दिया। एसओ गौरव यादव कहते हैं रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। आरोपी की तलाश की जा रही है।
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