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मार डाले मुकुल के बुजुर्ग पैरोकार

Thu, 09 Apr 2015 02:10 AM IST
बरेली
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शहर के मोहल्ला ब्राह्मपुरा के रिटायर्ड इंजीनियर वीरेंद्र गुप्ता (75) और उनकी पत्नी सन्नो(70) को किसने मार डाला। यह बुजुर्ग दंपति अपने बेटे को इंसाफ दिलाने के लिए लड़ रहे थे। दंपति के बेटे बेटे मुकुल गुप्ता को करीब आठ साल पहले बरेली पुलिस ने सीबीगंज इलाके में एक फर्जी एनकाउंटर में मार दिया था। दोनों के शव करीब चार दिन पुराने हैं। बुजुर्ग दंपति के घर का दरवाजा कई दिन से बंद था। दंपति की वजनदार रॉड से हत्या की गई लगती है। टीम में एसएसपी जे रविंद्र गौड़ और क्राइम ब्रांच के उप निरीक्षक विकास सक्ेसना भी शामिल थे। दंपति पूरे मामले में कानूनी लड़ाई लड़ रहे थे। सूचना पर देर रात 11.15 बजे एसएसपी सौमित्र यादव ने मौका-मुआयना कर मातहतों को घटना का जल्द खुलासा करने के निर्देश दिए। दोनों शव पोस्टमार्टम के लिए भेजे गए हैं।
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 बुधवार शाम उनके घर से बदबू आने पर मोहल्ले के लोगों को अनहोनी का शक हुआ। किसी व्यक्ति ने इसकी खबर पुलिस को दी। रात करीब 10.45 बजे कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची। काफी खटखटाने के बाद भी दरवाजा नहीं खुला तो पुलिस ने दरवाजा तोड़ दिया। पुलिस ने जब घर को खंगाला तो दोनों के शव किचन में पड़े पाए गए। दोनों के सिर पर गहरे घावों के अलावा शरीर पर भी कई जगह जख्म थे। फर्श पर पड़ा खून काला पड़ चुका था। ऐसा लगता है कि दंपति की हत्या वजनदार रॉड से की गई होगी। दंपति का एक बेटा और एक बेटी बाहर रहते हैं। दूसरे बेटे मुकुल गुप्ता को तीन जून, 2007 को बरेली में पुलिस ने एक फर्जी एनकाउंटर में मार दिया था। इस मामले में कई पुलिस कर्मियों पर केस चल रहा है। घटना की सूचना मिलने पर आईजी विजय सिंह मीना ने भी एसएसपी से पूरे मामले की जानकारी ली। आईजी ने कहा कि बुुजुर्ग दंपति की मौत के मामले में कई बिंदुओं पर जांच कराई जा रही है। मामले की निष्पक्ष विवेचना कराकर दोषियों का पता कराया जाएगा।
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