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पति को मृत दर्शाकर हड़प लिया सरकारी धन

Thu, 02 Apr 2015 01:39 AM IST
बरेली
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पेहना गांव की गुड्डी देवी के पति जीवित हैं। उसने पति का फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र लगाकर पारिवारिक लाभ योजना का अनुदान प्राप्त कर लिया।
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केस 02
भउवा बाजार में रामवती नाम की कोई महिला नहीं रहती जबकि उसके नाम पर अनुदान की राशि निकाली जा चुकी है।
केस 03
कमलापुर की दयावती और रामश्री, मुड़िया जगरूप की ऊषा देवी, ठिरिया वन्नोजान की मंजू ने भी फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र दाखिल कर 20 हजार का अनुदान ले लिया। उन्होंने पति की मृत्यु 2011-12 में होना दर्शाया है जबकि मृत्यु हुए कई साल बीत चुके हैं।
केस 04
मंजू देवी ने अपने पति की मृत्यु पांच जून 2012 दर्शाकर मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाया है जबकि उसके पति की मृत्यु डेढ़ दशक पहले ही हो चुकी है।

अमर उजाला ब्यूरो
क्योलड़िया/नवाबगंज।
मीरगंज और दुनका की तर्ज पर क्योलड़िया में भी पारिवारिक लाभ योजना में फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ है। मामला तब पकड़ में आया प्रशासन की ओर से पात्रों का सत्यापन कराया गया। फिलहाल सात मामले सामने आए हैं। सूची में कई नाम शामिल होने की आशंका जताई जा रही है। तहसील प्रशासन ने लेखपाल और ग्राम पंचायत अधिकारी को नोटिस भेजकर जवाब मांगा है।
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गरीब परिवार के मुखिया के निधन पर सरकार आश्रितों को 20 हजार का अनुदान देती है। एक वर्ष के अंदर मुखिया की मृत्यु होने, परिवार की आय का अन्य कोई साधन न होना पात्रता की शर्त है। यहां दलालों ने कई महिलाओं के फर्जी प्रमाण पत्र बनवाकर लाखों की रकम हड़प ली। किसी ने जीवित पति को मृत दिखाया तो किसी ने वर्षों पहले स्वर्गवासी हुए पति का फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र लगवा दिया।
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एडीओ पंचायत महेंद्र पाल गंगवार ने बताया कि राजस्व विभाग की रिपोर्ट पर ही पात्र परिवारों को ये लाभ दिया जाता है। 2012-13 में कुछ दलालों ने लेखपालों से साठगांठ कर फर्जी रिपोर्ट लगवाकर अनुदान मंजूर करवाया है। बड़ा घोटाला सामने आया है। इसकी रिपोर्ट एसडीएम को भेजी जा रही है। उन्होंने कहा कि बहेड़ी में तैनात एक लेखपाल से जवाब तलब किया है। दलालों के बारे में भी जानकारी जुटाई जा रही है।
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