मां की हत्या के बाद अपनी ननिहाल में रह रहे चार साल के बच्चे को पिता के घरवालों ने अगवा करने की कोशिश की। मोहल्ले के लोगों ने बच्चे के दादा को मौके पर ही दबोच लिया और थाने ले आए लेकिन पुलिस ने उसे छोड़ दिया। पीड़ित पक्ष की रिपोर्ट भी दर्ज नहीं की। इस मामले में एसएसपी को प्रार्थना पत्र देकर इंसाफ की फरियाद की गई है।
बारादरी इलाके के दुर्गानगर में रहने वाली शांति देवी ने बताया कि उनकी बेटी यशोदा का विवाह मार्च 2008 में मुजरिया (बदायूं) के गांव कौलियाई निवासी चंद्रपाल पुत्र प्रेमपाल से हुआ था। आरोप है कि 16 मार्च 2014 को दहेज के लिए यशोदा की हत्या कर दी गई। चंद्रपाल आदि के खिलाफ यह मुकदमा अदालत में विचाराधीन है। शांति ने बताया कि यशोदा की हत्या के बाद उसका चार साल का बेटा भोला दुर्गानगर में उनके पास रह रहा है। आरोप है कि 27 मार्च को यशोदा की ससुराल के कुछ लोग उसके घर से भोला को उठा ले गए। आरोपियों ने घर में मारपीट और तोड़फोड़ भी की और उसके पर्स में रखी सोने की चेन, सोने की नथ, चांदी की पायलें और दस हजार रुपये भी ले गए। भागते समय मोहल्ले के लोगों ने यशोदा के ससुर प्रेमपाल को पकड़ लिया। सूचना पर पुलिस भी पहुंच गई और प्रेमपाल को थाना बारादरी ले गई। शांति का आरोप है कि पुलिस ने भोला को तो उनके हवाले कर दिया लेकिन उसे अगवा करने वालों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज नहीं की। उल्टे प्रेमपाल को भी थाने से छोड़ दिया। शांति देवी ने एसएसपी को पत्र भेजकर न्याय की गुहार की है। उधर इंस्पेक्टर बारादरी मुहम्मद कासिम का कहना है कि मामला उनके संज्ञान में नहीं है। अगर ऐसा हुआ है तो कार्रवाई की जाएगी।