सुरेश शर्मा नगर के इंजीनियर गोपेश्वर सिंह और उनकी पत्नी की हत्या और लूट के मामले में पुलिस को हसीन छैमार गैंग के चार बदमाश मिल गए हैं। पुलिस इन्हीं बदमाशों पर घटना को खोलने के लिए कहानी तैयार कर रही है। माल बरामद होते ही घटना का खुलासा होने की उम्मीद की जा रही है। एसएसपी धर्मवीर यादव ने इस गैंग के तीन बदमाशों को गिरफ्तार करके घटना का जल्द ही खुलासा करने का दावा किया है। बस माल बरामद होने का इंतजार है। कई लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।
बारादरी इलाके के सुरेश शर्मा नगर में इंजीनियर दंपति की 16 मार्च को बेरहमी से हत्या कर दी गई थी। पुलिस पहले ही दिन से कह रही थी कि घटना को छैमार गैंग के लोगों ने ही अंजाम दिया है। लूट का विरोध करने पर बदमाशों ने दोनों को मार दिया। मारने का तरीका भी छैमार गैंग से ही मेल खा रहा था। इसलिए चारों जिलों की पुलिस छैमारों की तलाश में लग गईं। बारादरी पुलिस के अलावा बरेली, पीलीभीत, शाहजहांपुर और बदायूं की क्राइम ब्रांच ने छैमारों के डेरे खंगाल डाले, लेकिन उनके हाथ कुछ नहीं लगा। सूत्रों के मुताबिक जेल में भी अपने मुखबिरों की एंट्री कराकर घटना का सुराग लगाने की कोशिश की गई। इधर बारादरी पुलिस को ट्रिपल मर्डर केस में फरार चल रहे हसीन गैंग के जुलकान और शंकर उर्फ फहीम के बारे में जानकारी मिल गई। उन्हीं का एक और साथी राजू भी पकड़ा गया। पुलिस की टीम मौका पाते ही उन्हें उठा लाई, फिर उनका साथी शहंशाह भी पकड़ा गया। जुलकान और फहीम तो 15-15 हजार रुपये के इनामी है। पुलिस दावा कर रही है कि छैमार गैंग के बदमाश डकैती डालने के लिए इंजीनियर दंपति के मकान में घुसे थे। इसी दौरान उन्होंने दोनों को मार डाला है। इंजीनियर के लॉकर की चाबी भी बदमाशों के पास से ही बरामद होने की उम्मीद जताई जा रही है। लूटा गया माल बरामद होने के बाद घटना का खुलासा कर दिया जाएगा।
बरेली। सुरेश शर्मा नगर के इंजीनियर गोपेश्वर सिंह और उनकी पत्नी की हत्या की वजह बैंक लाकर से होली के बाद निकाले गए जेवरात और नगदी तो नहीं हैं। पुलिस को शक है कि हो सकता है कि डकै तों को यह जानकारी हो गई हो कि इंजीनियर दंपति ने बैंक लाकर से जेवरात निकाले हैं और उन्हीं को लूटने के उद्देश्य से घर पर धावा बोला हो। अगर ऐसा है तो यह संभावना प्रबल हो जाती है कि घटना में इस परिवार को कोई नजदीकी, मसलन- घरेलू नौकर या रिश्तेदार का भी हाथ हो सकता है, क्योंकि इतनी अंदरूनी जानकारी बाहर के व्यक्ति को नहीं हो सकती। डकैती के पीछे हकीकत क्या रही है, यह तो बदमाशों की गिरफ्तारी और लॉकर के खुलने के बाद ही पता चल सकेगा।
इंसपेक्टर बारादरी मुहम्मद कासिम ने बताया कि होली के बाद इंजीनियर दंपति ने तीन बार लॉकर खोला। इस दौरान जेवरात निकाले भी होंगे और रखे भी होंगे। लॉकर के अंदर जेवरात हैं या नहीं, यह लाकर के खुलने पर ही पता चल सकेगा। परिवार वालों के पास लॉकर की चाबी न होने के कारण इस बारे में स्थिति साफ नहीं हो पाई है। पुलिस के अनुसार बैंक का लॉकर दो चाबियों से खुलता है, जिसकी एक चाबी बैंक प्रबंधक और दूसरी चाबी लॉकर धारक के पास होती है। घर के अंदर बिखरे पड़े कई हजार रुपये कुछ और संकेत दे रहे हैं। सवाल यह है कि हत्या डकैती और लूट के उद्देश्य से हुई है तो वह घर के अंदर इतनी रकम को क्यों छोड़ गए। पुलिस का दावा है कि छैमार गैंग के बदमाशों ने ही दंपति को लूटपाट का विरोध करने पर मार डाला।