हाफिजगंज। कस्बे के नामचीन प्रेमी बैंड के मालिक की बुधवार शाम हत्या कर दी गई। वह शौच करने को कहकर दुकान से उठाकर खेतों की तरफ गए थे। तलाशने पर उनकी खून से सनी लाश तालाब किनारे पड़ी मिली। घर वालों ने किसी तरह की रंजिश होने से इनकार कर रहे हैं।
करीब 50 वर्षीय अयूब उर्फ लला की दुकाने थाने के पीछे सेंथल रोड पर है। मंगलवार को वह पूरे दिन दुकान पर मौजूद रहे। शाम को 4.30 बजे नौकरों से शौच को जाने की कहकर तालाब की ओर गये थे। देर शाम तक अयूब नहीं लौटे तो नौकरों ने परिवार वालों को बताया। घर वालों ने मोबाइल नंबर मिलाया तो कोई रिस्पांस नहीं मिला। इसके बाद तलाशना शुरू किया तो दुकान से करीब सौ मीटर दूर तालाब किनारे सूखे में अर्धनग्न हालत में मुंह के बल पड़ी अयूब की लाश मिली। पलटकर देखा तो चेहरे और सिर से खून बह रहा था। उनका चेहरा किसी धारदार चीज से काटा गया था। वहीं पर ब्लेड का खाली कागज पड़ा था। अयूब का मोबाइल बंद था। इसकी सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
चार भाइयों में अयूब सबसे बडे़ थे। उनके दो बेटे और पांच बेटिया हैं। घर वालों का कहना है कि अयूब की हत्या की गई है। मगर किसी से रंजिश नहीं बताई। मौके पर पहुंची फील्ड यूनिट ने कुछ नमूने लिए।
प्रथम दृष्टया हत्या का मामला नहीं लगता है। उसका पैर फिसलने पर गिर गया होगा, जिससे पानी में डूब गया। पोस्टमार्टम में असलियत सामने आ जाएगी। - अमर सिंह, एसओ हाफिजगंज
पुलिस की कहानी पर उठे सवाल
घटना स्थल और लाश की दुर्दशा से पुलिस की कहानी पर सवाल उठ रहे हैं। अयूब की मौत पानी में डूबने से हुई तो चेहरे और सिर पर घाव कैसे हुए। लाश सूखे में पड़ी मिली। दूसरे तालाब में डूबने लगाने पानी भी नहीहं था। न ही अयूब के कपड़े भीगे हुए थे। मौके पर ब्लेड का कागज तो पड़ा था, लेकिन ब्लेड नहीं मिला। अयूब मुंह के बल गिरा तो सिर के पिछले हिस्से पर चोट कैसे लगी?