भुता इलाके के खंडसरा गांव में एक परिवार पर 11 हजार वोल्ट की हाईटेंशन बिजली लाइन काल बनकर गिरी और चार साल की दो चचेरी-तहेरी बहनों और उनके दादा की जान ले गई। दादा पूर्व प्रधान बाबूराम और उनकी मासूम पोतियों पर हाईटेंशन लाइन तब टूटकर गिरी, जब वह शनिवार शाम घर के बाहर बैठकर सतुआ खा रहे थे। हादसे में पूर्व प्रधान का पुत्र बाल-बाल बच गया। एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत से गांव में कोहराम मच गया। सूचना पर बिजली विभाग ने सप्लाई तो बंद कर दी लेकिन संवेदनहीनता की हद ये कि देर रात तक कोई भी बिजली अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा और टूटा तार सड़क पर ही पड़ा रहा। पुलिस ने तीनों शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिए हैं।
परिवार वालों के अनुसार बाबूराम पड़ोस के ही गांव गंगापुर में लगने वाली साप्ताहिक बाजार से शाम को लौटे थे। दादा से बाजार से लाई गई चीज मांगने उनकी चार वर्षीय पोती मानसी पुत्री वेदप्रकाश और इतनी ही उम्र की निरांशी पुत्री महिपाल उनके पास पहुंची। निरांशी-मानसी गांव के ही प्राइमरी स्कूल में कक्षा एक में पढ़ती थीं और वे दिन में गांव के आंगनबाड़ी केंद्र से मिली पंजीरी (सतुआ) अपने हाथ में थामे हुई थीं। पोतियों को लाड़-दुलाकर कर बाबूराम उनके साथ घर के बाहर ही बैठ गए और सतुआ खाने लगे। इसी दौरान ऊपर से गुजर रही हाईटेंशन लाइन का झूलता तार टूटकर तीनों पर गिर गया। तार गिरते ही उनके कपड़ों में आग लग गई और वह झुलसकर तड़पने लगे। करंट के झटके घर के भीतर तक लगे और वहां मौजूद महिपाल ने भागाकर जान बचाई।
इसी बीच वहां से गुजर रहे गांव के ही राजेश ने भुता बिजली सब स्टेशन पर फोन कर हादसे की जानकारी दी तो पांच मिनट बाद बिजली सप्लाई बंद कर दी गई, लेकिन तब तक पूर्व प्रधान और उनकी दो नातिनों की मौत हो चुकी थी। सूचना पर पहुंची पुलिस ने तीनों शव पोस्टमार्टम के लिए भेजे। बिजली विभाग के अफसरों के देर रात तक मौके पर नहीं पहुंचने से ग्रामीणों में गुस्सा था।
कोट-------
11 हजार वोल्ट की हाइटेंशन लाइन गिरने दो मासूमों समेत तीन लोगों की मौत की घटना दु:खद है। बिजली विभाग वालों की ओर से पीड़ित परिवारों को देय राहत राशि दिलाई जाएगी। डीएम के मार्फत मुख्यमंत्री राहत कोष से, कृषक दुर्घटना बीमा और आम आदमी बीमा योजना से भी आर्थिक मदद दिलाई जाएगी।
- प्रशांत शर्मा, एसडीएम, फरीदपुर