प्रेमनगर के आसपास रेलवे लाइन किनारे किए गए अतिक्रमण को हटाने पूर्वोत्तर रेलवे के अफसर बिना चेतावनी और तैयारी के पहुंचे तो मुंह की खानी पड़ी। डेयरी संचालकों और उनके पक्ष में आए सपा नेता ने इसका तीखा विरोध जताया। तब अधिकारी वापस लौट आए। हालांकि एक सप्ताह में खुद ही जगह खाली करने पर सहमति भी हुई है।
उत्तर रेलवे के जीएम के आने से एक दिन पहले अचानक पूर्वोत्तर रेलवे के अफसरों को शहामतगंज से प्रेमनगर साइड में जाने वाले अपने ट्रैक के किनारे हुए अतिक्रमण को हटाने की सुध आई। रेलवे स्टाफ थोड़े से आरपीएफ जवानों को लेकर डेयरियों और साइनबोर्ड आदि लगाकर किए गए अतिक्रमण को हटाने पहुंचा। जवानों ने कुछ बोर्ड उखाड़ने के साथ ही डेयरियों के छप्पर हटाने शुरू किए तो हंगामा हो गया। डेयरी संचालकों ने दुग्ध संघ के जिलाध्यक्ष व सपा नेता लल्लू सिंह यादव को फोन करके बुला लिया। लल्लू सिंह आए और आरपीएफ को बिना किसी चेतावनी के कार्रवाई करने से रोक दिया। कहा कि एकतरफा एक्शन लिया गया तो गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। तब दोनों पक्षों की बैठक हुई। इसमें तय हुआ कि अगर रेलवे की जगह पर डेयरियों का कुछ सामान रखा है तो उसे सप्ताह भर में हटा लिया जाएगा। दूसरी ओर एनईआर के पीआरओ राजेंद्र सिंह ने बताया कि पुलिस फोर्स न मिलने की वजह से अभियान रोकना पड़ा। अतिक्रमण न हटा तो आरपीएफ पुलिस के साथ मिलकर जगह खाली कराएगी।