बटलर प्लाजा में शुक्रवार को एचपी कंपनी के नकली टोनर बेचने का भंडाफोड़ हुआ है। मुंबई से आई कंपनी की टीम ने पचास लाख रुपये का नकली माल बरामद किया है। दुकानदार एचपी ब्रांड की चिट लगाकर नकली माल सरकारी दफ्तरों में सप्लाई करते थे। इस मामले में दो आरोपियों को पकड़कर कोतवाली पुलिस को सौंप दिया गया। कई दुकानदार दुकानें बंद करके भाग गए।
एचपी कंपनी ने अपने ब्रांड के नाम से नकली माल बेचने वालों की तलाश के लिए ईआईपीआर प्राइवेट लिमिटेड मुंबई को नामित किया है। ईआईपीआर के जीएम हृदय नारायण मल अपनी चार सदस्यीय टीम के साथ शुक्रवार दोपहर तीन बजे बटलर प्लाजा में पहुंचे। यहां उन्होंने एचपी के कंप्यूटर उपकरण और टोनर (काटेज) आदि बेचने वालों की कई दुकानों में छापामारी की। कई दुकानदार तो भाग गए लेकिन कैंट इलाके के दूरदर्शन के पास रहने वाले सतीश गुप्ता और विशाल आनंद को पकड़ लिया गया। टीम ने दुकानों से करीब पचास लाख रुपये के नकली टोनर बरामद किए। इसके बाद टीम मय माल के दोनों आरोपियों को पकड़कर कोतवाली ले आई। पुलिस ने दोनों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली है। कोतवाल शक्ति सिंह ने बताया कि एक आरोपी सतीश को गिरफ्तार किया है। सतीश ने बताया कि वह ऑन लाइन टोनर मंगाता था, अब उसे क्या पता नकली माल भेजा जा रहा है।
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सरकारी दफ्तरों से पहुंच रही थीं शिकायतें
ईआईपीआर के जीएम हृदय नारायण मल ने बताया कि एचपी कंपनी की चिट लगे डिब्बे में डालकर नकली टोनर की सप्लाई ज्यादातर सरकारी दफ्तरों में की जाती थी। लंबे समय से एचपी कंपनी को शिकायतें मिल रही थीं। इस पर वह तीन महीने से नकली माल बेचने वालों की तलाश में लगे थे। उनके साथ उनकी कंपनी के जांच अधिकारी संदीप, अमित के अलावा एचपी के एक्सपर्ट मिस्टर घोष भी थे।
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गोरखपुर तक करते थे सप्लाई
जीएम हृदय नारायण ने बताया कि एचपी के नाम से नकली माल सप्लाई करने का ये बड़ा रैकेट है। ये रैकेट बरेली, गोरखपुर, हापुड़ बस्ती आदि स्थानों पर नकली माल की सप्लाई करता था।