सुबह साढ़े सात बजे का वक्त था। बरेली से लालकुआं जा रही पैसेंजर ट्रेन मोहनपुर गांव के पास पहुंची थी। अचानक एक लड़की ट्रैक पर दौड़ने लगी। उसे बचाने के लिए दो लड़कों ने भी दौड़ लगाई। आवाज देकर उसे रुक जाने को कहा मगर वह नहीं मानी। वह दौड़ती रही और ट्रेन की चपेट आकर जान दे बैठी। उसकी पहचान इंटरमीडिएट की छात्रा के रूप में हुई जो परीक्षा देने घर से निकली थी लेकिन स्कूल नहीं पहुंची।
यह नजारा सोमवार सुबह का है। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि उसे रोकने के लिए हर किसी ने कोशिश की। दो लड़कों ने हिम्मत कर उसके पीछे दौड़ लगाई मगर उसे बचाया नहीं जा सका। प्रवेश पत्र के आधार पर उसकी पहचान कठरा ढाल गांव के मंगलसेन की 18 साल की बेटी नेमवती के रूप में हुई। वह आदर्श कन्या इंटर कॉलेज की छात्रा थी। बताया जा रहा है कि उसकी दोस्ती से घर वाले नाराज थे। दो दिन पहले उसे डांट दिया था। दोस्त के घर आने पर बंदिश लगा दी थी। इस कारण वह डिप्रेशन में थी। मौके पर पहुंचे घर वालों ने पुलिस कार्रवाई से इन्कार कर दिया। वे पोस्टमार्टम किए बिना ही शव अपने साथ ले गए। उधर, इंस्पेक्टर सूबेदार सिंह यादव ने बताया कि लड़की के घर वाले पोस्टमार्टम नहीं करना चाहते थे इसलिए शपथ पत्र देकर शव अपने साथ ले गए।