बिछुरैया गांव का विद्याराम अपने घर में अकेला रहता था। पत्नी हेमलता की तीन साल पहले मौत के बाद पुत्री राजवती की शादी उसने डेढ़ साल पहले कर दी थी। शुक्रवार रात तक पड़ोसियों ने विद्याराम को देखा था। शनिवार सुबह देर तक दरवाजा न खुला तो लोगों को शक हुआ। सूचना पर उसके परिवार के लोग आ गए। दरवाजा तोड़ा गया तो देखा कि विद्याराम की हत्या कर दी गई है। शव बरामदे में पड़ा था। चेहरे की तरफ का हिस्सा चूल्हे में घुसा मिला। मौके पर बुलाई गई पुलिस ने शव निकाला तो चेहरा काफी हद तक झुलसा मिला। सिर में चोट और गले पर निशान थे। पोस्टमार्टम में गला दबाकर हत्या की पुष्टि हुई।
एसओ राकेश यादव ने ग्रामीणों से बात करके हत्या की वजह जानने की कोशिश की पर कोई सुराग नहीं मिल सका। ग्रामीणों ने बताया कि विद्याराम पांच भाइयों में सबसे छोटे थे और अपनी जमीन पहले ही बेच चुके थे। अकेले ही रहते थे। कभी कभार चिलम पीते थे। इसके अलावा न तो कोई दूसरा ऐब था और न किसी से दुश्मनी थी। उनकी मौत से किसी को बड़ा फायदा होने की भी गुंजाइश भी नहीं है। ऐसे में वीभत्स तरीके से हत्या करने की वजह पता करना मुश्किल हो गया। पुलिस भी केस में उलझ गई है। एसओ ने बताया कि हर पहलू पर जांच की जाएगी। जल्द ही सच्चाई सामने आ जाएगी।