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एसी कार की चाहत में किया चचेरे भाई का कत्ल

Wed, 19 Jul 2017 01:39 AM IST
बरेली
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एसी कार में घूम कर मौज मस्ती करने की चाहत में तहेरा भाई ही मासूम की जान का दुश्मन बन गया। उसने अपने एक साथी के साथ योजनाबद्ध तरीके से चचेरे भाई का अपहरण कर लिया और छह लाख 40 हजार रुपये का फिरौती भरा पत्र चरी के खेत में रख दिया। यही नहीं फिरौती न मिलने पर उसने मासूम की गला दबाकर हत्या कर दी और शव बोरी में बंद कर अपने ही घर के आंगन में गड्ढे में दबा दिया। पुलिस ने छानबीन कर फिरौती वाले पत्र की राइटिंग से मिलान कर मामले का खुलासा कर मुख्य आरोपी और उसके साथी को गिरफ्तार कर लिया। मंगलवार को आरोपियों ने प्रेस कांफ्रेंस के दौरान अपना जुर्म कबूल भी किया। पुलिस ने दोनों आरोपियों को जेल भेज दिया। 
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रिश्तों को कलंकित कर देने वाली यह घटना बिथरीचैनपुर क्षेत्र के गांव साजनपुर की है। गांव निवासी किसान बबलू का आठ साल का बेटा सौरभ 16 जुलाई दोपहर के समय अचानक लापता हो गया था। जिसकी गुमशुदगी थाने में दर्ज कराई गई थी। पुलिस ने छानबीन शुरू की। सौरभ के तहेरे भाई टिंकू यादव (20) को शक के आधार पर हिरासत में लिया और पूछताछ की, जिस पर वह टूट गया। उसने स्वीकार किया कि गांव के ही रघुनंदन पुत्र बेचे लाल के साथ मिलकर उसने सौरभ का योजनाबद्ध तरीके से अपहरण किया। अपहरण करने के बाद उसने 6.40 लाख रुपये का फिरौती पत्र बबलू की चरी के खेत में रखा। जब यह पत्र बबलू ने नहीं देखा तो एक छोटा कागज लिखकर उसके घर के बाहर फेंका, जिसे देख बबलू ने चरी वाला पत्र उठाया। इस पत्र से टिंकू की राईटिंग मिलान हो गई। जिससे मामला खुल गया। उसकी निशानदेही पर सौरभ का शव घर के आंगन में दबे गड्ढे से बरामद कर लिया गया। पोस्टमार्टम में भी उसकी गला दबाकर हत्या की पुष्टि हुई है। टिंकू ने स्वीकार किया कि उसने एसी कार खरीदने की चाहत में सौरभ का अपहरण कर 6.40 लाख की फिरौती मांगी। इससे वह कार खरीदकर अपना सपना साकार करना चाहता था। 

अपहरण के बाद दोनों साथ में ढूंढते रहे सौरभ को
अपहरण करने के बाद टिंकू और रघुनंदन सौरभ की तलाश कराने में उसके पिता बबलू के साथ घूमते रहे। यही नहीं दोनों ने बताया कि फिरौती का पत्र खेत पर रखा है, इससे उन पर शक गहराया और मामला खुल गया। 
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रघुनंदन पर थी अल्टो कार, दोनों घूमते थे साथ
रघुनंदन बीमा एजेंटा है, उसे काफी समय पहले कंपनी की ओर से अल्टो कार मिली थी। जिससे रघुनंदन और टिंकू साथ साथ घूमते थे। यह कार किसी कारण रघुनंदन ने बेच दी। इसके बाद पॉलीटेक्निक पास टिंकू ने खुद की कार खरीदने की योजना बनाई और वह सौरभ का अपहरण कर वसूली जाने वाली नकदी से कार खरीदना चाहता था। 

ऐसे लिखा दो पन्नों का फिरौती पत्र
ध्यान से सुनो सौरभ को हमने गायब किया है। सौरभ हमारे पास है। हमें 6.40 लाख रुपये चाहिए। एक भी रुपया कम होने पर इसके हाथ पैर कम कर देंगे और अगर एक भी पैसा नहीं दोे तो इसकी लाश तुम्हारे गांव में डाल देंगे। पैसा दिया तो सुरक्षित गांव में छोड़ देंगे। हमें लड़के से कोई मतलब नहीं है। हमें पैसा चाहिए, अगर पैसा देना है तो गांव के ट्यूबवेल पर खड़ंजे पर जो पुलिया है उस पर मेहतरपुर की साइड पर अपना मोबाइल नंबर लिख देना और नहीं देना तो बड़े अक्षर में एन लिख देना। जितने दिन का टाइम चाहिए, उतने दिन का लिख देना। यह खूब समझ लेना जिस दिन से आप पैसा दोगे हमें रोज 50 से 60 हजार के बीच डेली चाहिए। तुम 60 हजार का इंतजाम रोज रखना। हम रोज आपके मोबाइल पर खाता नंबर डाल के मैसेज भेज देंगे। 
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