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मस्जिद निर्माण रुका तो थाने में चार घंटे हंगामा

Mon, 05 Sep 2016 12:57 AM IST
ब्ययूराो, अमर उजाला बरेली।
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मदारी सिलसिले के लोगों की मस्जिद के निर्माण का काम रुकवाने पर रविवार को बहेड़ी कोतवाली में बखेड़ा हो गया। मदारी सिलसिले के लोगों ने पुलिस पर रजवी मसलक की मदद करने का आरोप लगाकर थाने का घेराव किया। विधायक की कार थाने में घुसी तो भीड़ बेकाबू हो गई। रोकने के लिए पुलिस आगे बढ़ी तो भीड़ ने उन्हें ही दौड़ा दिया। पुलिस और भीड़ में धक्का मुक्की होती रही। बाद में पुलिस ने लाठियां फटकार कर लोगों को खदेड़ा। पुलिस ने मदारी पक्ष के 14 लोगों के खिलाफ शांतिभंग की कार्रवाई की है।  
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रजवी और मदारी सिलसिले से जुड़े लोगों ने छह महीने पहले आपसी सहमति से बिना प्रशासन की इजाजत अपने-अपने इलाकों में मस्जिद के निर्माण की रजामंदी कर ली थी। रजवी सिलसिले के लोग नूरी नगर में मस्जिद बनवा रहे थे। वहीं मदारी सिलसिले के लोग टांडा मोहल्ले में मस्जिद का निर्माण करा रहे थे। दोनों पक्षों के बीच कुछ समय पहले विवाद हो गया था। एक नेताजी ने दोनों सिलसिले के लोगों बैठाकर मसला हल करा दिया था। पुलिस प्रशासन को भी खामोश रहने की हिदायत दी गई थी। रविवार सुबह ही मदारी पक्ष के लोग थाने पहुंचे और रजवी पक्ष के इशारे पर चौकी इंचार्ज पर उनकी मस्जिद का निर्माण कार्य रोकने का आरोप लगाया। इसे लेकर थाना परिसर में महिलाओं व पुरुषों की चौकी इंचार्ज शाहिद चौहान से पहले कहासुनी फिर धक्कामुक्की हो गई। इसके बाद चौकी इंचार्ज भारी पुलिस बल को लेकर रजवी पक्ष की ओर से बनाई जा रही मस्जिद स्थल पर पहुंचे तो पुलिस को देखकर मजदूर भाग खडे़ हुए। पुलिस वहां से फावड़ा और बेलचा आदि सामान उठाकर ले आई। 
इसके बाद भी भीड़ थाना गेट पर हंगामा करती रही। इंस्पेक्टर अजय कुमार श्रोतिया समझाते रहे मगर लोग नहीं माने। इसी बीच विधायक अताउर्ररहमान अपनी कार से जैसे ही थाना परिसर की ओर मुडे़ तो भीड़ ने उनका रास्ता रोकने की कोशिश की लेकिन वे नहीं रुके। इसके बाद भीड़ ने कार का पीछा किया। पुलिस के रोकने पर लोगों ने नारेबाजी कर दी। एसडीएम रामेश्वर नाथ तिवारी थाना परिसर पहुंचे तो लोगों ने उन्हें भी घेर लिया। पुलिस किसी तरह एसडीएम को थाने के अंदर ले गई। खींचतान में एक सिपाही की वर्दी फट गई जबकि एक महिला ने सिपाही पर धक्का मुक्की करने का आरोप लगाया। विधायक अताउर्ररहमा, एसडीएम और सीओ ने मदारी मसलक के उलमाओं से थाना परिसर में वार्ता की। बाद में विधायक कार छोड़कर पैदल ही सपा के सम्मेलन में चले गए। पुलिस ने मदारी मसलक से जुडे़ अफसार अहमद, मोहम्मद नाजिर, सलीम अहमद समेत करीब 14 लोगों के खिलाफ शांतिभंग की कार्रवाई की है। 
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प्रशासन की लापरवाही से हुआ विवाद
बहेड़ी। इस प्रकरण में प्रशासन की लापरवाही दिखी। दोनों ही सिलसिल के लोग बगैर प्रशासन के इजाजत के मस्जिद का निर्माण करा रहे थे। जबकि इस तरह के निर्माण पर सुप्रीम कोर्ट से रोक हैं। मस्जिद के निर्माण के विरोध में विश्व हिंदू परिषद और शिवसेना के लोगों ने एसडीएम और सीओ को शिकायती पत्र दिया था। डीएम और एसएसपी तक भी मामला पहुंचाया गया था लेकिन इसे गंभीरता से नहीं लिया गया। थाना परिसर में विधायक, सीओ और एसडीएम की मौजूदगी में मदारी पक्ष के लोगों के तर्क से यह बात साफ थी कि अफसरों ने जानबूझकर इस मामले को दबाए रखा। 

कोट
पुलिस के साथ अभद्रता की गई। मजबूरन हमें आसपास के थाने की फोर्स बुलानी पड़ी। किसी को धर्मस्थल नहीं बनाने दिया जाएगा। अब पुलिस सख्ती के साथ कार्रवाई करेगी। 
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-अजय श्रोतिया इंस्पेक्टर बहेड़ी।
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