एंटी करप्शन की टीम ने कलेक्ट्रेट परिसर से ही चकबंदी लेखपाल सलीमउददीन को रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया। मामले में आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने के बाद टीम ने कोतवाली पुलिस को सौंप दिया है। मंगलवार को लेखपाल को न्यायालय विशेष न्यायाधीश भ्रष्टाचार निवारण के यहां पेश किया जाएगा। थाना मीरगंज के सेंजना गांव में चक बंदी चल रही थी। इस गांव के मोहम्मद सफी की तीन बीघा जमीन का चक बनाने के लिए चकबंदी लेखपाल सलीमउद्दीन चार हजार रुपये रिश्वत मांग रहे थे। जबकि पिछले महीने ही लेखपाल को जिला चकबंदी अधिकारी ने सफी का चक बनाने के निर्देश दिए थे। पांच अगस्त को सफी ने परेशान होकर एंटी करप्शन में अर्जी देकर अपना दर्द सुनाया। मामले की जांच कराने पर सफी की शिकायत सही निकली। सोमवार को एंटी करप्शन के इंस्पेक्टर सुरेंद्र कुमार के नेतृत्व में टीम ने सफी से लेखपाल को कलेक्ट्रेट परिसर में ही राष्ट्रीय बचत कार्यालय के पास बुला लिया। सफी ने जैसे ही लेखपाल को रिश्वत के चार हजार रुपये थमाए टीम ने उसे रंगेहाथ पकड़ लिया। लेखपाल को दिए गए नोटों पर हस्ताक्षर पहले से किए गए थे। उन पर पाउडर भी लगा था। मौके पर ही टीम ने लेखपाल के हाथ धुलवाए। इंस्पेक्टर सुरेंद्र सिंह ने बताया कि उन्होंने तहरीर देकर लेखपाल के खिलाफ कोतवाली में मुकदमा दर्ज करा दिया है। मंगलवार को कोतवाली पुलिस लेखपाल को न्यायालय विशेष न्यायाधीश भ्रष्टाचार निवारण में पेश करेगी। लेखपाल पीड़ित किसान को एक महीने से परेशान कर रहे थे। लेखपाल को पकड़ने वाली टीम में इंस्पेक्टर भरत सिंह, हेड कांस्टेबिल पदम सिंह, सरफराज अली, यदुवीर सिंह भी शामिल थे।